बिहार: NRC-NPR पर बदले सियासी समीकरण, मांझी बोले- नीतीश अब भी CM के सबसे बड़े चेहरे

अब सवाल यह है कि जीतनराम मांझी ने यह बयान क्यों दिया और किस नजरिए से दिया. हालांकि इसका जवाब तो उन्हीं के पास है. जीतनराम मांझी यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अगर महागठबंधन में आते हैं तो गठबंधन तय करेगा कि बिहार में मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा चेहरा कौन होगा. 

बिहार: NRC-NPR पर बदले सियासी समीकरण, मांझी बोले- नीतीश अब भी CM के सबसे बड़े चेहरे
जीतनराम मांझी ने कहा- नीतीश कुमार से बड़ा सीएम पद का चेहरा कोई नहीं. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में सियासी समीकरण कब बदलने लग जाएं, इसका पता ही नहीं चलता. हालिया स्थिति भी इस ओर ही इशारा कर रही है. चुनावी साल में सभी अपनी तरफ से दांव खेल रहे हैं. फिर हम प्रमुख जीतनराम मांझी पीछे कैसे रहते. उन्होंने एक बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा मुख्यमंत्री का चेहरा कोई नहीं है. 

अब सवाल यह है कि जीतनराम मांझी ने यह बयान क्यों दिया और किस नजरिए से दिया. हालांकि इसका जवाब तो उन्हीं के पास है. जीतनराम मांझी यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अगर महागठबंधन में आते हैं तो गठबंधन तय करेगा कि बिहार में मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा चेहरा कौन होगा. 

इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं न हो, यह जरा मुश्किल है. हालिया सियासी समीकरणों पर नजर डालें तो पाएंगे कि इनमें जरा बदलाव सा आ रहा है. पिछले दिनों विधानसभा में एनआरसी-एनपीआर पर नीतीश सरकार ने प्रस्ताव रखा जिसे सदन में विपक्ष की सर्वसम्मति के साथ पारित कर लिया गया. 

लेकिन दिलचस्प बात तो यह है कि प्रस्ताव के पारित होने से पहले नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव की 20 मिनट तक बातचीत हुई थी. इस दौरान कांग्रेस नेता अवधेश सिंह, आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी भी वहां मौजूद थे. अब यहीं कुछ कम नहीं था कि कुछ बीजेपी नेताओं ने पार्टी के खिलाफ ही अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है.