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बिहार: आजादी के 7 दशक बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं इस गांव के लोग

इस गांव में अभी तक न तो सड़क बनी है और न ही नल का जल पहुंच पाया है. यह गांव विकास से कोसों दूर है.

बिहार: आजादी के 7 दशक बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं इस गांव के लोग
मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर है बिहार का यह गांव.

मनीष कुमार, जमुई : सरकार महादलित टोला में विकास करने की बात तो करती है, लेकिन आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी चकाई प्रखंड क्षेत्र के पेटर-पहाड़ी पंचायत के करमाटांड़ पुजहर टोला में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. गांव-गांव नल का जल पहुंचाने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.

प्रखंड क्षेत्र के करमाटांड़ पुजहर टोला में नइया (महादलित) जाति के लोग रहते हैं. इस गांव में अभी तक न तो सड़क बनी है और न ही नल का जल पहुंच पाया है. यह गांव विकास से कोसों दूर है. इस गांव के लोगों ने बताया कि आजादी के बाद से अभी तक इस गांव में एक भी सरकारी सुविधा नहीं पहुची है.

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पुजहर टोला गांव की जनसंख्या लगभग 200 है. किसी को भी आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना, नल का जल, शौचालय, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है.

गांव में पक्की सड़क भी नहीं बन पाई है, जिसके कारण लोग पगडंडी पर चलने को विवश हैं. वहीं, बरसात के समय इस रास्ते की स्थिति बद से बदतर हो जाती है. इस पर चलना मुश्किल हो जाता है. वहीं, पेयजल के लिए एक दो चापाकल तो है, लेकिन वो भी खराब पड़ा है. पानी के लिए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है.

शुद्ध पेयजल के लिए मुखिया, बीडीओ और सरकार की तरफ लोग टकटकी लगाए बैठे हैं. शिक्षा के अभाव में लोग अपने हक की लड़ाई भी ठीक तरीके से नहीं लड़ पा रहे हैं. न ही पदाधिकारी इस गांव की तरफ ध्यान दे रहे हैं. गांव में सभी महिला और पुरूष ईंट भट्ठा में मजदूरी करते हैं. डीलर द्वारा दो-तीन महीनों में