कोडरमा के सभी 6 प्रखंडों के हायर सेकेंडरी बनेंगे मॉडल स्कूल, रघुवर सरकार का फैसला

मॉडल स्कूल का बेस पूरी तरह से निजी स्कूलों की तरह होगा और रघुवर सरकार का ये कॉन्सेप्ट नामी गिरामी निजी स्कूलों को टक्कर देगा.

कोडरमा के सभी 6 प्रखंडों के हायर सेकेंडरी बनेंगे मॉडल स्कूल, रघुवर सरकार का फैसला
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकारी स्तर पर कवायद तेज हो गई है.

रांची: रघुवर सरकार के प्रयास से कोडरमा के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकारी स्तर पर कवायद तेज हो गई है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जिले के सभी 6 प्रखंडों में मॉडल स्कूल के रूप में प्लस टू हाईस्कूल को विकसित किया जाएगा. 

हर मां-बाप का सपना होता है कि उनके बच्चे का दाखिला ऐसे स्कूल में हो. जहां उन्हें क्वालिटी एजुकेशन तो मिले ही. एक्स्ट्रा एक्टिविज में शामिल होने का मौका भी मिले. रघुवर सरकार ने उनकी चिंता दूर कर दी है. कोडरमा के सभी 6 प्रखंडों में सरकार ने अलग अलग मॉडल स्कूल खोलने का फैसला किया है. इन स्कूलों में बच्चों का हर तरह का विकास संभव हो सकेगा. 

डीईओ शिवनारायण साहू का कहना है कि क्वालिटी एजुकेशन के लिए पूरा प्रयास है, इसमें हम लोगों ने सफलता भी पाई है इससे जब हमारे ही जिले में जब अच्छी शिक्षा मिलेगी तो बाहर पलायन क्यो होगा. 

जिन-जिन स्कूलों को मॉडल स्कूल में तब्दील किया जाना है. उन स्कूलों के प्राचार्यों के साथ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बैठक भी की है जिसमें स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं में बदलाव लाने पर चर्चा हुई है. सरकार की इस योजना से ना सिर्फ सभी विषयों के अलग-अलग शिक्षक होंगे बल्कि म्यूजिक, डांस, स्पोर्ट्स के टीचर भी बहाल किए जाएंगे. इससे पब्लिक और प्राइवेट स्कूल के बीच का जो गेप है वो कम होगा. प्राइवेट स्कूल के तर्ज पर सारी सुविधाएं इस सरकारी स्कूल में भी उपलब्ध कराई जाएंगी. 

 

सीएच इंटर विद्यालय प्राचार्य कार्तिक तिवारी का कहना है कि सरकार के इस फैसले से छात्रों में भी बेहद खुशी है. छात्रों को लगता है कि उन्हें प्राइवेट स्कूल में पढ़ नहीं पाने की कसक मॉडल स्कूल दूर कर देगी. एक स्कूली छात्र ने बताया कि प्रिंसिपल सर ने घोषित किया कि हमारा स्कूल मॉडल स्कूल बन जाएगा. यहां 6th से 12th तक की क्लासेस चलेगी. सभी टिचर्स का योगदान रहेगा कि बच्चे अनुशासन में रहें और अपनी क्लास सही ढंग से संभालें. एक अन्य छात्र ने बताया कि हमारे प्रिंसिपल सर बोले हैं कि हमारा स्कूल मॉडल स्कूल बन जाएगा, और सभी विषयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी आएंगे.

मॉडल स्कूल का बेस पूरी तरह से निजी स्कूलों की तरह होगा और रघुवर सरकार का ये कॉन्सेप्ट नामी गिरामी निजी स्कूलों को टक्कर देगा. रघुवर सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें. ऐसे में मॉडल स्कूल के रूप में सरकारी स्कूलों का विकसित किया जाना रघुवर सरकार की दूरगामी और बेहतर सोच का नतीजा है.

(Exclusive Feature)