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धनबाद: मुनिडीह कोल वाशरी में बड़ा हादसा, सीलिंग में दबकर श्रमिक की मौत

मृतक कामेश्वर साव आय सोमवार को ही बगल के एक कोयला खदान से तबादला होकर यहां आया था. मुनिडीह कोल वाशरी में उसका पहला दिन था.

धनबाद: मुनिडीह कोल वाशरी में बड़ा हादसा, सीलिंग में दबकर श्रमिक की मौत
कोयला खादान में श्रमिल की मौत. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

धनबाद: दुर्गा पूजा के नवमी के दिन खनन के दौरान एक कोयला खनिक की मौत हो गई. वो भी बीसीएएल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से. दरअसल कोयलाकर्मी जो हुक मेन के पद पर कार्यरत था, वह आज ट्रॉली जिसमें कोयला लदा था उससे वो कोयला निकाल ही रहा था कि तभी ऊपर से कोयला सहित पूरा चुट यानी सीलिंग ही उसपर आ गिरा. जिसमें दबकर खनिक की मौत हो गई. मामला धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र स्थित मुनिडीह कोल वाशरी का है.

जानकारी के अनुसार, मृतक कामेश्वर साव आय सोमवार को ही बगल के एक कोयला खदान से तबादला होकर यहां आया था. मुनिडीह कोल वाशरी में उसका पहला दिन था. छुट्टी होने के बावजूद कामेश्वर साहू शाम लगभग सात बजे अपने अधिकारियों के बुलावे पर कोल वाशरी उत्खनन के कोयले को ट्रॉली से उतारने पहुंचा था.

बताया जाता है कि घटना के समय वहां कुल पांच कोयलाकर्मी मौजूद थे. तीन ऊपर की ओर खड़े थे और मृतक कामेश्वर साव और उसका सहयोगी हराधन महतो ट्रॉली के नीचे वहां की स्थिति जानने के लिए खड़े थे. दोनों स्थिति का जायजा ले ही रहे थे की उसी समय कामेश्वर साव के ऊपर ट्रॉली भरभरा कर आ गिरा, जिससे कामेश्वर साव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

घटना के बाद वहां हाहाकार मच गया. खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैली. तत्काल वहां कोयला खनिक और मृतक के परिजन जुट गए. ट्रेड यूनियन के नेता और स्थानीय पुलिस भी पूरे दलबल के साथ वहां पहुंची. मौके पर पहुंचे ट्रेड यूनियन के नेता एके सहाय ने बीसीसीएल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोल वासरी वर्ष 1982 में बना था. उसके बाद से इस वाशरी के मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया गया. आज यह वाशरी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. यहां काम करना सिर्फ और सिर्फ दुर्घटना को आमंत्रित करना है.

उन्होंने कहा फिलहाल प्रबंधन से मृतक परिवार को मुआवजा और नियोजन दिलाने पर चर्चा होगी. यदि इसमें प्रबंधन किसी तरह की कोई आनाकानी करता है तो वासरी का काम ठप कर दिया जाएगा. 

मृतक के परिजन भी बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नियोजन और मुआवजे की मांग को लेकर मौके पर डटे हुए हैं. वहीं, मृतक कर्मी के साथ घटना के समय वहां मौजूद बाकी के 4 कर्मी भगवान से शुक्र मना रहे हैं कि आज वो ऊपर वाले की कृपा से ही जीवित बचे हैं.