बिहार: बगहा में आर्थिक तंगी ने किया मजदूर को आत्महत्या के लिए मजबूर

सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत में अंतर साफ दिखता है. नतीजतन आर्थिक तंगी और रोजगार के अभाव में मजदूर अब मौत को गले लगाने लगे हैं.

बिहार: बगहा में आर्थिक तंगी ने किया मजदूर को आत्महत्या के लिए मजबूर
मृतक बगहा जिला में अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ एक किराये के मकान में रहता था.

बगहा: कोरोना कि वजह से बिहार के मजदूरों का हाल पहले से ही बेहाल है. वहीं, जब बिहार में चुनाव हुए तब सभी पार्टियों ने मजदूरों को रोजगार के सपने दिखाए. लेकिन बिहार में सरकार पलायन रोकने और रोज़गार देने की चाहें लाख दावे क्यों ना कर ले, लेकिन आज भी इन सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत में अंतर साफ दिखता है. नतीजतन आर्थिक तंगी और रोजगार के अभाव में मजदूर अब मौत को गले लगाने लगे हैं.

आर्थिक तंगी ने किया मजबूर
बगहा नगर पालिका क्षेत्र के मजदूर मो. कमरूद्दीन ने आर्थिक तंगी कि वजह से मानसिक रूप से परेशान होकर फांसी लगाकार आत्महत्या अपनी जान दे दी. सूचना पर नगर थाना की पुलिस के अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंच कर शव को पेड़ से नीचे उतारवाया. एफआईआर दर्ज कर, पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पतपाल भेजा और उसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया. 

पीड़ित परिवार ने मृतक का रीति रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार भी नगर पालिका परिषद और सामाजिक कार्यकर्ताओं के चंदा और सहयोग से किया. लेकिन अब मृतक कि पत्नी, पिता और बच्चे सड़क पर आ गए हैं इनके सामने भुखमरी जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं. बताया जा रहा है कि मृतक बगहा जिला में अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ एक किराये के मकान में रहता था. पेशे से मजदूरी और लॉकडाउन में ठेला चलाने का काम किया करता था.

समाज के ताने हुए परेशान
मिली जानकारी के अनुसार आर्थिक रूप से परेशान रह रहे शख्स के यहां घरेलू कलह अक्सर हुआ करती थी. कभी मकान मालिक के ताने तो कभी पत्नी और बच्चों की ज़रूरत पूरी न कर पाने से तंग आकर अपने मफलर से आम के पेड़ पर लटक कर आत्महत्या कर लिया. पीड़ित के परिजन और पार्षद सरकार और प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं.

हालांकि नगर पालिका परिषद के वार्ड पार्षद और ईओ ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिलाया जरूर है लेकिन जिस तरह एक विधवा बेटी अपने मायके में आधा दर्जन लोगों के खर्च का जिम्मा उठाकर किराए की मकान में बमुश्किल रह रही है उसे फ़िलहाल कोई सहारा नज़र नहीं आ रहा.