चेन्नई में लॉकडाउन में फंसे 30 मजदूर, कंटेनर में सवार हो कर पहुंच रहे थे गांव, तभी...

सभी को बुंडू पुलिस ने कोरोना लॉकडाउन के मद्देनजर सीमा क्षेत्र पर रोक दिया और सभी मजदूरों को कंटेनर और मिनी ट्रक से उतारकर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई.

चेन्नई में लॉकडाउन में फंसे 30 मजदूर, कंटेनर में सवार हो कर पहुंच रहे थे गांव, तभी...
लॉकडाउन में चेन्नई में फंसे थे मजदूर, कंटेनर के जरिए पहुंच रहे थे घर, तभी रोक लिए गए बॉर्डर पर. रां

कोडरमा: देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद अन्य राज्यों से मजदूरों का पलायन अब भी जारी है. बुंडू थाना क्षेत्र में लगे चेकनाका में अन्य राज्यों से आ रहे मजदूरों को पुलिस ने रोक दिया. मजदूर कोडरमा के मरकच्चो अपने घर जाने के लिए निकले थे. घटना रात एक बजे के आसपास की है.

चेन्नई से 18 मजदूर और टाटा से 12 मजदूर यानी कुल 30 मजदूर अपने-अपने घर जाने के लिए निकले थे. मजदूरों ने बताया कि चेन्नई से वे तीन दिन पूर्व ही बगैर खाना खाए ही बुंडू तक पहुंच गए. बमुश्किल केवल पीने के पानी का जुगाड़ हो पाया था. सभी मजदूर डरे हुए थे, उन्हें चिंता थी कि कब घर पहुंचेंगे.

देर रात चेन्नई और टाटा से एक कंटेनर में और एक छोटे ट्रक में मिनी ट्रक में मजदूर सवार होकर बुंडू पहुंचे. सभी को बुंडू पुलिस ने कोरोना लॉकडाउन के मद्देनजर सीमा क्षेत्र पर रोक दिया और सभी मजदूरों को कंटेनर और मिनी ट्रक से उतारकर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई. 

बताया जा रहा है कि चेन्नई से 18 मजदूर कंटेनर में छुपकर बुंडू होते हुए कोडरमा मरकच्चो जाने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के मद्देनजर पुलिस बल ने अपनी ड्यूटी के दौरान मजदूरों को पकड़ लिया. 

मजदूरों ने बताया कि वे कोडरमा मरकच्चो के रहने वाले हैं और चेन्नई में मजदूरी का काम करते थे, लेकिन कंपनी वालों ने काम बंद करा दिया और उन्हें घर जाने को कहा. इससे वे सभी एक साथ आवागमन की असुविधा होने के कारण कंटेनर में सवार होकर निकले थे. इसके अलावा एक और मिनी ट्रक में टाटा जमशेदपुर से मजदूर अपने घर जाने के लिए निकले थे.
           
बुंडू अनुमंडल के डॉक्टर ने पहुंचकर सभी 30 मजदूरों की स्क्रीनिंग की और उनसे पूछताछ की. पूछताछ करने पर मजदूरों ने किसी तरह की तबीयत खराब न होने की जानकारी दी. ऐसे में डॉक्टर ने उन्हें कहा कि आप अपने घर में ही 14 दिनों के लिए अलग-थलग रहकर खुद को आइसोलेट कर सकते हैं. इससे आप भी सुरक्षित रहेंगे आपके परिवार वाले भी सुरक्षित रहेंगे. उन्हें घर वापस भेजने की तैयारी की जा रही है.