लखीसराय : मौर्य एक्सप्रेस में घुसा पटरी का टुकड़ा, ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी

मौर्य एक्सप्रेस जैसे ही महेशलेटा हॉल्ट पास पहुंची तो उसमें ब्लास्ट हुआ. हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि ट्रेन के डिब्बे में पटरी का टुकड़ा घुस गया था.  

लखीसराय : मौर्य एक्सप्रेस में घुसा पटरी का टुकड़ा, ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी
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लखीसराय : बिहार के लखीसराय जिले के पास एक भीषण ट्रेन हादसा हो गया. जानकारी के मुतबिक किऊल रेलवे स्टेशन के पास मौर्य एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में पटरी का एक टुकड़ा घुस गया, जिसके बाद ब्लास्ट हो गया. ट्रेन के एक डिब्बे में हुए इस ब्लास्ट के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. 

महेशलेटा हॉल्ट के पास हुआ हादसा
रिपार्ट्स के मुताबिक मौर्य एक्सप्रेस जैसे ही महेशलेटा हॉल्ट पास पहुंची तो उसमें ब्लास्ट हुआ. हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि ट्रेन के डिब्बे में पटरी का टुकड़ा घुस गया था.  पुलिस ने आनन-फानन में एक्शन लेते हुए स्थानीय लोगों की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया.

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हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हालातों को काबू करने की कोशिश की.

पटरी टूटने से हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 3 बजे यह हादसा हुआ. पुलिस के अनुसार, किऊल रेलवे स्टेशन के पास हटिया-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस जिस ट्रैक से गुजर रही थी, उसी के पास रखी रेल पटरियों में से एक 10 फीट की पटरी अचानक बोगी बोगी में घुस गई. इस पटरी की चपेट में आने से एक यात्री की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए. मृतक की पहचान सहारनपुर के मंगल सेठ के रूप में की गई है. इस घटना के दौरान तेज आवाज की वजह से रेलगाड़ी में अफरा-तफरी मच गई.

किऊल रेल थाना के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया, "घायलों को किऊल रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए एक यात्री को पटना जबकि दूसरे को लखीसराय अस्पताल भेज दिया गया है." पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि घटना के कुछ देर तक बाद झाझा-किऊल रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप्प था, परंतु अब सामान्य हो गया है.उन्होंने किसी साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि पुरानी पटरियां रेल पटरी के किनारे ही रखी जाती रही हैं, लेकिन ऐसी घटना कभी नहीं घटी.