संकट के समय 'अपनों' के बीच ना होने पर छलका लालू का दर्द, पार्टी को दिया अहम नर्देश

लालू यादव ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है और अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने लिखा है, 'इस कठिन वक्त में बिहारवासियों के कष्ट में साथ नहीं रहने का कष्ट है. पार्टी के सभी विधायकगण, नेता प्रतिपक्ष, पदाधिकारी पूरी सक्रियता,सकारात्मकता और क्रियाशीलता के साथ हरसंभव राज्य सरकार की मदद कर रहे है'.

संकट के समय 'अपनों' के बीच ना होने पर छलका लालू का दर्द, पार्टी को दिया अहम नर्देश
लालू यादव ने ट्विटर पर अपना दर्द बयां किया है. (फाइल फोटो)

रांची: लालू यादव लंबे समय से चारा घोटाला मामले में सजायफ्ता हैं और रांची स्थित रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं. लेकिन इन दिनों कोरोना वायरस की वजह से देश और सभी राज्य संकट में हैं और इस संकट की घड़ी में बिहार के लोगों के बीच ना होने का लालू यादव को दुख है. 

लालू यादव ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है और अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने लिखा है, 'इस कठिन वक्त में बिहारवासियों के कष्ट में साथ नहीं रहने का कष्ट है। पार्टी के सभी विधायकगण, नेता प्रतिपक्ष, पदाधिकारी पूरी सक्रियता,सकारात्मकता और क्रियाशीलता के साथ हरसंभव राज्य सरकार की मदद कर रहे है'.

साथ ही उन्होंने आगे ये भी लिखा है कि पार्टी को 2,50000₹ मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करने का निर्देश दिया है. साथ ही लालू यादव ने ये भी कहा है कि कोरोना के ख़िलाफ़ जंग लड़ने की दिशा में हम सब का पहला कदम, घर के बाहर कदम ना रखें। यदि अत्यंत आवश्यक ना हो तो.

आपको बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस के चार मामले आए जिसमें एक की मौत हो गई है. वहीं, तेजस्वी यादव ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलेरी दी है और साथ ही सरकार को ये भी कहा है कि सरकार चाहे तो उनके सरकारी आवास का इस्तेमाल क्वारेंटाइन या जांच सेंटर के रूप में कर सकती है. 

साथ ही तेजस्वी यादव ने लोगों के नाम एक जन प्रार्थना पत्र भी लिखा है. उन्होंने कहा है कि सभी बिहारवासियों से मेरी विनम्र अपील है कि इंसानियत पर आए इस ख़तरे का जागरूकता, साहस, सक्रियता और सतर्कता के साथ सामना करें। सरकार का सहयोग करें, नियमों का पालन करें और बचाव के उपायों को अपनाएं.