गर्मी के दस्तक देते ही सूखने लगे नदी-नाले, जानवरों के लिए पक्के जलाशय का सहारा

बेतला नॅशनल पार्क में लगे वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार ने बताया कि इस पार्क में कई जलाशय बनाए गए हैं, ताकि कोई भी जानवर प्यास के कारण पार्क के बाहर नहीं जा सके. 

गर्मी के दस्तक देते ही सूखने लगे नदी-नाले, जानवरों के लिए पक्के जलाशय का सहारा
जनवरों के लिए बनाए गए हैं पक्के जलाशय. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लातेहार : गर्मी के दस्तक देते ही नदी और नाले भी सूखने लगे हैं. इसका असर बेजुबान जानवरों पर भी हो रहा है. बेतला नेशनल पार्क में जानवरों की परेशानी को देखते हुए वन विभाग ने इस पार्क के अंदर कई जंगली क्षेत्रों में 40 जलाशयों की पक्कीकरण करवाया था, जिसमें प्रत्येक दिन टैंकर से पानी भरा जा रहा है. इन्हीं जलाशयों की मदद से पार्क के जानवर अपनी प्यास बुझा रहे हैं.

बेतला नेशनल पार्क में हजारों की संख्या में जंगली जानवर हैं. इनमें बाघ, हाथी, हिरण, बंदर, बैसन मोर सहित कई अन्य जानवर शामिल हैं. इसे देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक आते हैं. जानवरों की देखरेख के लिए अधिकारी से लेकर वनपाल और चार दर्जन से ज्यादा केयर टेकर रखे गए हैं. जानवर की आवश्यक्ता को देखते हुए 40 पक्के जवाशयों का निर्माण कराया गया है. गर्मी को देखते हुए समय-समय पर जलाशयों में टैंकर से पानी भरा जाता है.

बेतला नॅशनल पार्क में लगे वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार ने बताया कि इस पार्क में कई जलाशय बनाए गए हैं, ताकि कोई भी जानवर प्यास के कारण पार्क के बाहर नहीं जा सके. 

अभी तो गर्मी की शुरुआत है. मई और जून के महीने में जब गर्मी अपने चरम पर रहेगी तब की समस्याओं का अंदाजा लगा सकते हैं.