VIDEO: कपल्स के अनोखे कॉम्पिटिशन पर रोक, सबसे ज्यादा देर तक 'चुंबन' करने पर मिलता है इनाम

इस अनोखे कॉम्पिटिशन में सबसे ज्यादा देर तक चुंबन करने वाले तीन जोड़ों को इनाम भी दिया जाता है.

VIDEO: कपल्स के अनोखे कॉम्पिटिशन पर रोक, सबसे ज्यादा देर तक 'चुंबन' करने पर मिलता है इनाम
इस प्रतियोगिता में ज्यादा विवाहित जोड़े ही भाग लेते हैं. (फाइल फोटो)
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रांची: झारखंड के आदिवासी समाज में कपल्स के बीच होने वाली 'दुलड़ चो' यानी चुंबन प्रतियोगिता (किस कॉम्पिटिशन) एक बार फिर विवादों से घिर गई है. इस अनोखे कॉम्पिटिशन में सबसे ज्यादा देर तक चुंबन करने वाले तीन जोड़ों को इनाम भी दिया जाता है. अब शनिवार को जिला प्रशासन की सख्ती और आदेश के बाद आयोजकों ने इस प्रतियोगिता को नहीं कराने का फैसला किया है. विवाद के हालात पैदा न हों इसलिए ऐहतियातन गांव में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है.

लिट्टीपाड़ा प्रखंड के डुमरिया में बीते साल की तरह इस बार फिर सिदो-कान्हो मेला का आयोजन किया जा रहा है. इसमें स्थानीय विधायक साइमन मरांडी की तरफ से तीरंदाजी, मुर्गा लड़ाई, डांस कॉम्पिटिशन सहित चुंबन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. पिछले साल दर्जनों जोड़ों ने इसमें भाग लेते हुए हजारों लोगों के सामने निसंकोच होकर एक-दूसरे को का चुंबन लिया.

विधायक का तर्क
इसको लेकर आयोजक झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक साइमन मरांडी कहते हैं कि प्रेम और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता कराई जाती है. शहर में लोग मॉल या दूसरी जगहों पर जाकर अपना मनोरंजन करते हैं, लेकिन आदिवासी समाज के लोग संकोची होते हैं. ऐसे में पति-पत्नी के सार्वजनिक तौर पर चुंबन प्रतियोगिता में भाग लेने से न सिर्फ संकोच दूर होगा, बल्कि आपसी प्रेम भी बढ़ेगा.

रिश्ते मजबूत होते हैं
उनका कहना है कि "अपने दिल की बात न बता पाने के कारण आदिवासियों में पिछले कुछ वर्षों से पति-पत्नी के बीच झगड़े और तलाक के मामले बढ़े हैं. पढ़े-लिखे न होने के कारण आदिवासी अपने परिवार को सामाजिक ढांचे में ढाल नहीं पाते हैं. इससे उनके व्यवहार और पारिवारिक रिश्ते कमजोर हो जाते हैं. इस तरह की प्रतियोगिता उनके मन के संकोच को दूर करती है."

बीजेपी का विरोध
उधर, राज्य का सत्तारूढ़ दल बीजेपी इसको आदिवासी संस्कृति का बदनाम करने का कुचक्र मानता है. बीजेपी समेत दूसरे संगठन चुंबन प्रतियोगिता का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं. इसको देखते हुए सरकार ने प्रशासन को मेले में पहरा देने तैनात कर दिया. साथ वहां वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है. इसके चलते मरांडी ने प्रतियोगिता को फिलहाल रद्द कर दिया.