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झारखंडः 500 करोड़ की लागत से स्मार्ट बनेगा चक्रधरपुर रेल मंडल का लोडिंग पॉइंट

रेल मंडल के प्रमुख लोडिंग पॉइंट को स्मार्ट कर इनकी क्षमता व रफ़्तार को बढाने की दिशा में भारतीय रेल बड़ी प्रोजेक्ट पर काम करने वाली है. यही नहीं रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के परिचालन में भी बड़े बदलाव करने की योजना भारतीय रेल की है.

झारखंडः 500 करोड़ की लागत से स्मार्ट बनेगा चक्रधरपुर रेल मंडल का लोडिंग पॉइंट
चक्रधरपुर रेल मंडल को स्मार्ट बनाया जाएगा.

चक्रधरपुरः झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में लोडिंग के क्षेत्र में बहुत जल्द बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है. रेल मंडल के प्रमुख लोडिंग पॉइंट को स्मार्ट कर इनकी क्षमता व रफ़्तार को बढाने की दिशा में भारतीय रेल बड़ी प्रोजेक्ट पर काम करने वाली है. यही नहीं रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के परिचालन में भी बड़े बदलाव करने की योजना भारतीय रेल की है. रेल मंडल में बड़े पैमाने पर मेमू ट्रेनों के परिचालन को लेकर भी भारतीय रेल संभावनाएं तलाश रही हैं.

इसी उद्देश्य को लेकर दिल्ली रेलवे बोर्ड के मेंबर ऑफ़ रोलिंग एंड स्टोक राजेश कुमार ने शुक्रवार को अपने विशेष सैलून से चक्रधरपुर रेल मंडल का दौरा किया. अपने दौरे के क्रम में रेलवे बोर्ड के मेंबर राजेश कुमार ने आदित्यपुर, चक्रधरपुर और बंडामुंडा स्टेशन का दौरा कर लोडिंग पॉइंट का निरिक्षण किया. साथ ही कैरेज एंड वैगन के सर्विसिंग वर्कशॉप और डेपो का जायजा लिया. चक्रधरपुर में अधिकारीयों के साथ मीटिंग की.

अपने दौरे के क्रम में राजेश अग्रवाल ने टाटानगर से लेकर राउरकेला तक रेल पटरी का विंडो इंस्पेक्शन किया. कुछ जगहों पर उन्होंने ट्रोली इंस्पेक्शन भी किया. राजेश अग्रवाल ने बताया की मंडल में ट्रेनों की रफ़्तार और लोडिंग क्षमता को बढाने के लिए आदित्यपुर, बंडामुंडा और डोंगवापोशी के यार्ड व लोडिंग पॉइंट को स्मार्ट बनाने की भारतीय रेल की बड़ी योजना है. चक्रधरपुर रेल मंडल की ढुलाई क्षमता को विकसित करने के लिए पांच सौ करोड़ रुपये भारतीय रेल खर्च करेगी.

उन्होंने कहा की चक्रधरपुर रेल मंडल भारतीय रेल का माल ढुलाई व राजस्व उगाही के दृष्टिकोण से सबसे अहम् रेल मंडल है. इस रेल मंडल के माल ढुलाई की क्षमता व ट्रेनों की रफ़्तार बढ़ने से रेलवे की आमदनी बढ़ेगी जिससे इस क्षेत्र का भी विकास होगा. मालगाड़ियों के डिब्बों को अत्याधुनिक डिब्बों में बदला जायेगा.

उन्होंने कहा की ना सिर्फ मालगाड़ी बल्कि यात्री ट्रेनों को लेकर भी चक्रधरपुर रेल मंडल में बड़ा बदलाव करने की योजना है. चक्रधरपुर रेल मंडल में दो सौ किलोमीटर के रेडियस पर यात्रा करने वाले यात्रियों कि संख्या काफी अधिक है. इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस रेल मंडल में आनेवाले समय में बड़े पैमाने पर मेमू ट्रेनों के परिचालन को लेकर प्लान तैयार कर रही है. आदरा और खड़गपुर डिविजन, ईस्ट कोस्ट रेलवे से कनेक्टिविटी करते हुए मेमू ट्रेनों का परिचालन होगा. जिसके बाद कम दुरी तक सफ़र करने वालों बड़ी सहूलियत होगी. लोगों को समय पर ट्रेन उपलब्ध होगी.

बता दें की राजेश अग्रवाल 80 के दशक में चक्रधरपुर रेल मंडल में काम कर चुके हैं. वे बंडामुंडा में 1985 में एडिशनल मेकनिकल इंजिनियर के पद पर पदस्थापित थे. उन्होंने कहा की चक्रधरपुर आकर उनकी पुरानी यादें ताज़ा हो गयी. उन्होंने पत्रकारों को बताया की उनकी नयी नयी शादी हुई थी और वे अपनी पत्नी को टाटानगर से बंडामुंडा तक अपने कार्य क्षेत्र को दिखा रहे थे. आज सभी यादें फिर से जी उठी.

उन्होंने बताया की उस दौर में इतना विकसित नहीं था चक्रधरपुर रेल मंडल. रेल पटरी के समतल जमीन पर उस वक्त स्टेशन का भवन हुआ करता था. प्लेफार्म नाम की चीज ही नहीं थी, ना रौशनी थी, रात होते ही अँधेरा हो जाया करता था. लेकिन आज सबकुछ बदल चूका है. समय के साथ साथ चक्रधरपुर रेल मंडल को बदला देख उन्हें काफी ख़ुशी हुई. उन्होंने कहा की बंडामुंडा स्टेशन में उनकी सबसे पुरानी और बहुमूल्य यादें जुड़ी है, जहाँ से उन्होंने रेलवे को योगदान देने की शुरुआत की थी.