लोकसभा चुनाव : 2014 के 'मोदी लहर' में मीरा कुमार को गंवानी पड़ी थी सासाराम सीट

सासाराम लोकसभा सीट पर जगजीवन राम का वर्चस्व रहा है. वह कुल आठ बार सांसद चुने गए थे. 

लोकसभा चुनाव : 2014 के 'मोदी लहर' में मीरा कुमार को गंवानी पड़ी थी सासाराम सीट
मीरा कुमार को 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. (फाइल फोटो)

सासाराम : 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान बिहार का सासाराम लोकसभा सीट काफी चर्चा में थी. पांच वर्षों तक स्पीकर रहीं मीरा कुमार यहां से कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रही थी. उनको टक्कर दे रहे थे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के छेदी पासवान. इस चुनाव में बीजेपी को इस सीट से जीत मिली. छेदी पासवान तीन लाख 66 हजार 807 मतों के साथ पहले नंबर रहे.

इस चुनाव में आठ लाख 46 हजार 788 लोगों ने इस सीट पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. कांग्रे उम्मीदवार मीरा कुमार तीन लाख दो हजार 760 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. साथ ही जेडीयू उम्मीदवार 93 हजार से अधिक मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. छेदी पासवान ने 2014 के लोकसभा चुनाव में मीरा कुमार को 63,327 वोटों से पराजित किया था. आपको बता दें कि यह सीट आरक्षित श्रेणी में आती है.

सासाराम लोकसभा सीट पर जगजीवन राम का वर्चस्व रहा है. वह कुल आठ बार सांसद चुने गए थे. लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में यहां बड़ा उलटफेर हुआ. छेदी पासवान तीसरी बार सांसद बने. वह बीजेपी की टिकट पर पहली बार चुनाव लड़े थे. इससे पहले वद दो बार जनता दल की टिकट पर चुनाव जीते थे.

शुरुआती दौर में इस सीट पर कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व रहा है. 1952 से लगातार पांच बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को ही इस सीट से जीत मिली थी. आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में जगजीवन राम ने जनता पार्टी की टिकट पर सासराम से चुनाव जीते थे. 1980 और 1984 के चुनाव में भी वह सांसद बनने में सफल रहे थे. 1989 और 1991 के लोकसभा चुनावों में इस सीट रक जनता दल ने जीत दर्ज की थी. वहीं, 1996, 1998 और 1999 में बीजेपी ने उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहे. 2004 में दोबारा कांग्रेस ने सासाराम में एंट्री मारी. 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भी मीरा कुमार ने जीत दर्ज की थी.