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मगध मेडिकल कॉलेज में भी जूनियर डॉक्टरों का हड़ताल, नहीं हो रहा मरीजों का इलाज

एनएमसी बिल के विरोध में गया के मगध मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को ठप कर दिया है. 

मगध मेडिकल कॉलेज में भी जूनियर डॉक्टरों का हड़ताल, नहीं हो रहा मरीजों का इलाज
मगध मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है.

जयकुमार/गयाः देश में एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमिशन) बिल का विरोध हो रहा है. दिल्ली से लेकर विभिन्न राज्यों में जूनियर डॉक्टर केंद्र सरकार के इस बिल का जोरदार विरोध कर रहे हैं. बिहार में भी इसके विरोध में सभी मुख्य अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. जिससे सूबे में मरीजों की हालत बिगड़ रही है. गया के मगध मेडिकल कॉलेज में भी जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दिया है.

एनएमसी बिल के विरोध में गया के मगध मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को ठप कर दिया है. इस वजह से दूर दराज से यहां इलाज कराने के लिए आनेवाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. सभी इलाज के लिए वहां बैठे हैं लेकिन कोई काम नहीं किया जा रहा है.

वहीं, मरीजों ने बताया कि सभी यहां सुबह 7 बजे से ही कॉउंटर पर लाइन लगे हुए हैं. लेकिन कोई सूचना नहीं दी गई है. अगर डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो कम से कम एक पर्चा लगा देना चाहिए. बच्चों की तबीयत खराब है. ऐसे में वह क्या करें कुछ समझ में नहीं आ रहा है.

गया के डोभी से आई महिला मटिया देवी ने बताया की मेरा बच्चा बुखार से बार-बार बेहोश हो रहा है और यहां आये है तो दिखाने के लिए पर्चा नहीं कट रहा है. पूछने पर बोल रहे है की हड़ताल है हमलोग को काफी परेशानी में हैं. बच्चा लेकर आते है और यहां आने पर पता चलता है की हड़ताल है अब कहा जाए, क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा है. 

बहरहाल, जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था ठप पड़ गई है. वहीं, इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. जेडीयू ने कहा है कि सरकार को चाहिए की डॉक्टरों की गलतफहमी दूर करें. वहीं, आरजेडी ने कहा है कि अब बिल जब पास हो गया है तो यह सब करने का कोई फायदा नहीं है. उन्हें सही स्थान पर इसका विरोध करना चाहिए. मरीजों को परेशान करने से कुछ नहीं होगा.