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बिहार : इन सीटों पर नहीं बनी सहमति तो टूट सकता है महागठबंधन, NDA को होगा फायदा

सूत्रों का दावा है कि सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में मुंगेर, मधेपुरा और दरभंगा सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है.

बिहार : इन सीटों पर नहीं बनी सहमति तो टूट सकता है महागठबंधन, NDA को होगा फायदा
घटक दलों में आपसी सहमति नहीं बनती है तो महागठबंधन बिखर सकता है. (फाइल फोटो)

पटना : देश लोकसभा चुनाव की तरफ अग्रसर हो चुका है. सियासी पार्टी अपनी-अपनी सियासी गणित तय करने में लगी है. बिहार में गठबंधन की राजनीति है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नीत महागठबंधन. एनडीए में बीजेपी के अलावा जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) शामिल है. वहीं, आरजेडी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के साथ-साथ शरद यादव और मुकेश सहनी का पार्टी शामिल है. एनडीए ने तो अपने घटक दलों के बीच सीटों की संख्या तय कर ली है, लेकिन महागठबंधन में इसकी कवायद फिलहाल जारी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महागठबंधन में 40 में से 37 सीटों पर तो सहमति बन गई है, लेकिन तीन पर पेंच फंसा हुआ है. अगर इन तीनों सीटों पर घटक दलों में आपसी सहमति नहीं बनती है तो महागठबंधन बिखर सकता है.

बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच बातचीत भी हुई थी. सूत्रों का दावा है कि सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में मुंगेर, मधेपुरा और दरभंगा सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है. कांग्रेस मोकामा के विधायक अनंत सिंह को मुंगेर सीट से चुनाव लड़ाने के पक्ष में है, जबकि आरजेडी पहले ही अनंत सिंह को 'बैड एलिमेंट' करार दे चुके हैं. वह अनंत सिंह के महागठबंधन में शामिल करने के खिलाफ हैं.

वहीं, दरभंगा को लेकर भी महागठबंधन में पेंच फंसा हुआ है. बीजेपी से निलंबित नेता और सांसद कीर्ति आजाद अब कांग्रेस का 'हाथ' थाम चुके हैं. इसके बाद कांग्रेस दरभंगा से कीर्ति को उतारना चाह रही है, जबकि महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी इसी सीट से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं.

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि महागठबंधन में शामिल सभी दलों के शीर्ष नेताओं के बीच अंतिम दौर की बातचीत चल रही है. तिवारी इशारों ही इशारों में इस बात के भी संकेत देते हैं कि आरजेडी पहले कांग्रेस से सीट तय कर लेना चाहती है, उसके बाद अन्य दलों से बात करने की इच्छुक है. 

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अनंत सिंह या उनकी पत्नी के लिए मुंगेर सीट चाहती है, जबकि आरजेडी मुकेश सहनी को दरभंगा से तथा वृशिण पटेल को मुंगेर से चुनाव लड़ाना चाहती है. पटेल हाल ही में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा छोड़ चुके हैं और आरजेडी के संपर्क में हैं.

इसके अलावा मधेपुरा सीट पर भी पेंच फंसा हुआ है. सांसद पप्पू यादव भी कथित तौर पर महागठबंधन का हिस्सा बनने वाले हैं. हाल ही में पप्पू यादव कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. हालांकि, कांग्रेस ने अभी पप्पू यादव की 'एंट्री' के बारे में कोई फैसला नहीं किया है. लेकिन तेजस्वी यादव, पप्पू यादव को महागठबंधन में शामिल करने के खिलाफ हैं. उन्होंने कई मौके पर विरोध जताया है. यही कारण माना जा रहा है कि कांग्रेस के लिए फैसला लेना मुश्किल हो रहा है.

अगर इन तीनों सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों के बीच आपसी सहमति नहीं बनती है तो बिहार में मुकाबला आरजेडी बनाम एनडीए का होगा. बीते चुनावों के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो इसका सीधा फायदा बीजेपी नीत एनडीए को जाता दिख रहा है.

(IANS इनपुट के साथ)