बिहार: RJD दफ्तर में बदलाव से रघुवंश प्रसाद नाराज, कहा- गेट पर ताला, चेन अच्छे संकेत नहीं

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पार्टी दफ्तर चुनाव की तैयारी को लेकर जुटा है. ये कोशिश की जा रही है कि बेहतर माहौल में पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव की तैयारी करें.

बिहार: RJD दफ्तर में बदलाव से रघुवंश प्रसाद नाराज, कहा- गेट पर ताला, चेन अच्छे संकेत नहीं
आरजेडी के वरिष्ठ नेता हैं रघुवंश प्रसाद सिंह.

पटना: आरजेडी (RJD) दफ्तर में बड़ेृ-बड़े बदलाव हो रहे हैं. पार्टी के नए अध्यक्ष जगतानंद सिंह पूरी आरजेडी को बदलने की तैयारी में जुट गए हैं. पार्टी ऑफिस में लगातार रंग-रोगन का काम चल रहा है. इसके साथ ही पार्टी ऑफिस के ठीक पीछे एक बड़े शेड का भी निर्माण कराया गया है. इसी शेड में अब पार्टी के सभी कार्यक्रमों की मीटिंग होगी. होटल में मीटिंग के नाम पर पार्टी अब पैसे खर्च नहीं करेगी.

इस पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पार्टी दफ्तर चुनाव की तैयारी को लेकर जुटा है. ये कोशिश की जा रही है कि बेहतर माहौल में पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव की तैयारी करें. सबके जिम्मे अपना-अपना काम हो और सभी काम समय पर पूरा हो.

इतना ही नहीं पार्टी के नए अध्यक्ष से मिलने के लिए अब पर्ची देनी पर रही है. पार्टी का कोई भी नेता, कार्यकर्ता या आम आदमी तभी अध्यक्ष जगदानंद सिंह से मिल सकता है जब उनकी मंजूरी हो. मिलने वाले का रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दर्ज होता है.

इसके साथ ही पार्टी दफ्तर में अब कोई भी यूं ही आकर नहीं बैठ सकता है. यही वजह है कि आरजेडी दफ्तर के कैंपस में सन्नाटा पसरा रहता है. इससे भी बड़ी बात ये है कि आरजेडी दफ्तर के मेन गेट को लोहे की चेन और ताले से बंद किया गया है. यानी कोई भी नेता अब अपनी गाड़ी पार्टी दफ्तर में नहीं लगा सकता है.

नए अध्यक्ष ने खुद से मिलने के लिए अपना समय भी तय कर रखा है. समय पर मिलने आए तो ठीक, समय के बाद आए तो अध्यक्ष भले ही दफ्तर में हों किसी की मुलाकात नहीं हो सकती है.

वहीं, आरजेडी में हो रहे बदलाव को पार्टी के नेताओं ने भी भांपना शुरु कर दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की माने तो वर्तमान में आरजेडी ऑफिस को सरकारी दफ्तर बनाने की तैयारी चल रही है. रंग-रोगन तक बात ठीक है, लेकिन दफ्तर के गेट पर ताला और चेन अच्छे संकेत नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि आरजेडी मास पार्टी है. कोई भी आ सकता है, कोई भी जा सकता है. पार्टी में अफसर जैसा व्यवहार ठीक नहीं है. इधर, आरजेडी में दिख रहे बदलाव को सत्तारुढ़ दल के नेता खुद के लिए पॉजिटिव मान रहे हैं.

बीजेपी नेता राजीव रंजन की मानें तो आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व में जिस तरह से खींचतान दिख रही हैं. आने वाले दो महीनों में आरजेडी में टूट हो जाएगी. पार्टी भले ही रंग-रोगन के जरिए बदलाव का दिखावा कर रही हो, लेकिन आरजेडी अंदर से खोखली हो चुकी है.