Bihar में बच्चों के हृदय रोगों के लिए 'बाल हृदय योजना' की शुरुआत, मंत्री मंगल पांडेय बोले...

Patna:मंगल पांडेय ने कहा, 'बाल हृदय योजना' के चलने के लिए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) को समर्पित अस्पताल के रूप में चिह्नित किया गया है.'

Bihar में बच्चों के हृदय रोगों के लिए 'बाल हृदय योजना' की शुरुआत,  मंत्री मंगल पांडेय बोले...
मंत्री मंगल पांडेय ने 'बाल हृदय योजना' की शुरुआत की.

Patna: बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने 'बाल हृदय योजना' की शुरुआत की. इस योजना के तहत राज्य सरकार बच्चों में होने वाले जन्मजात हृदय रोग के उपचार और ऑपरेशन के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा, विभाग ने  Prashanti Medical Services And Research Foundation राजकोट और अहमदाबाद के साथ  Memorandum of understanding बनाया है. फाउंडेशन एक हजार बाल हृदय रोगियों की पहचान कर मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा. फाउंडेशन एक चेरिटेबल अस्पताल है, जिसका मध्यप्रदेश उड़ीसा और राजस्थान सरकार के साथ MIU बनाया है.

मंगल पांडेय ने कहा, 'बाल हृदय योजना' के चलने के लिए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) को समर्पित अस्पताल के रूप में चिह्नित किया गया है. इसके अलावा राज्य के बाहर वैसे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल और निजी अस्पताल जो बाल हृदय रोगों की निःशुल्क चिकित्सा (सर्जरी सहित) सुविधा उपलब्ध कराते हैं, उसकी पहचान करते हुए MIU पर हस्ताक्षर किया गया है. राज्य के बाहर चिह्नित चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पतालों में आने-जाने के लिए परिवहन किराए के रूप में बाल हृदय रोगी और उसके परिवार को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से 5-5 हजार रुपए उपलब्ध कराया जाएगा.

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मंत्री ने ने कहा, 'बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर बीमारी है. जन्म लेने वाले 1000 बच्चों में से 9 बच्चे जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित होते हैं, जिनमें लगभग 25 प्रतिशत नवजात बच्चों को पहले साल में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है. जन्मजात हृदय रोग के साथ जन्मे बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नई योजना 'बाल हृदय योजना' प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है. इसके लिए फॉउंडेशन जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर बच्चों के लिए निः शुल्क जांच शिविर आयोजित करेगा, ताकि संदिग्ध पीडियाट्रिक कार्डियक (Pediatric Cardiac) मामलों की जांच, पुष्टि और उपचार किया जा सके और स्क्रीनिंग कैप में जरुरी सुविधाएं मुफ्त दी जा सके.

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उन्होंने आगे कहा, 'इस तरह के स्क्रीनिंग कैंप (Screening Camp) राज्य के राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार और गैर-संचारी रोग सेल के साथ कन्सल्टेशन (Consultation) भी आयोजित किए जाएंगे. आगे राज्य में हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों की जांच, पहचान और उपचार की संस्थागत व्यवस्था का अभाव था. राज्य सरकार पटना के इन दोनों अस्पतालों को, मानव संसाधन सहित, आवश्यक अन्य संसाधनों के साथ मजबूत करेगी. ये संस्थान राज्य के बच्चों, विशेषकर नवजात बच्चों में हृदय रोग की निःशुल्क जांच, पहचान और उपचार की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी.