बांका: मकर संक्रांति के मौके पर पापहरणी स्नान करेंगे कई लोग, मंदार महोत्सव स्थगित

लगभग सभी अदिवासी समुदाय के लोग पहुंच जाते हैं. इस बार ठंड भी काफी है. इनके लिए अलाव व पेयजल की व्यवस्था समुचित नहीं दिख रहा है. पापहरणी स्नान में काफी लोग डुबकी लगाते हैं. 

बांका: मकर संक्रांति के मौके पर पापहरणी स्नान करेंगे कई लोग, मंदार महोत्सव स्थगित
बांका: मकर संक्रांति के मौके पर पापहरणी स्नान करेंगे कई लोग, मंदार महोत्सव स्थगित.

बांका: मकर संक्रांति के मौके पर लगने वाला मंदार महोत्सव इस बार सरकारी स्तर पर कोरोना को लेकर स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आस्था का पर्व जो क्षेत्रीय लोगों के साथ अदिवासी समुदाय के लोग हजारों की संख्या में पहुंचते थे. कई प्रदेशों से आने वाले लोग और पापहरणी स्थान कर मंदार पर्वत पर बने राम सीता मंदिर की पूजा करते थे. कल मकर संक्रांति के दिन काफी लोग पापहरणीस्नान करेंगे.

इस बार काफी कम लोग आ रहे हैं. इन अदिवासी श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला चार से पहले से शुरू रहता है. आज लगभग सभी अदिवासी समुदाय के लोग पहुंच जाते हैं. इस बार ठंड भी काफी है. इनके लिए अलाव व पेयजल की व्यवस्था समुचित नहीं दिख रहा है. पापहरणी स्नान में काफी लोग डुबकी लगाते हैं. इसके लिए एनडीआरएफ की टीम लगाया गई है. मेडिकल शिविर भी लगाई गई है. सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है.

मकर संक्रांति पर्व के मौके पर मंदार पापहरणी सरोवर में काफी लोग आस्था की डुबकी लगाएंगे. जबकि आदिवासी जनजाति सफा धर्मावलंबियों का पौराणिक मंदार में सोहराय पर्व से ही श्रद्धा भक्ति का पूजा-अर्चना आरंभ हो गया है. बांका जिला प्रशासन द्धारा पापहरणी सरोवर में सुरक्षा व्यवस्था में लगे दो नौकायान एसडीएफ जवानों की तैनाती की गई है.

स्वास्थ विभाग की ओर से लगे चिकित्सा शिविर लगाया गया है. सोहराय पर्व के दिनों से ही दूरदराज से सफा धर्मावलंबियों के आने का सिलसिला जारी हो गया है. हालांकि इस वर्ष कोरोना के कारण काफी कम संख्या में आदिवासी जनजाति समुदाय के सफा धर्मावलंबी मंदार की तराई में पहुंच रहे हैं. जिनके ठंड से बचने के लिए अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है. खुद अलाव जलाकर ठंड से बच रहे हैं.