बिहार: सहरसा के कई गांवों में बाढ़ का प्रकोप, मवेशियों के चारे का इंतजाम करना हो रहा मुश्किल

भारी बारिश और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सहरसा जिले के बनमा इटहरी प्रखंड के निचले इलाकों में कई गांव जलमग्न हो गए हैं. इससे यहां रहने वाले लोगों के बीच काफी काफी समस्या उतपन्न हो गई है.

बिहार: सहरसा के कई गांवों में बाढ़ का प्रकोप, मवेशियों के चारे का इंतजाम करना हो रहा मुश्किल
बिहार के लगभग 16 जिलों में बाढ़ का भीषण प्रकोप है. (फाइल फोटो)

विशाल कुमार, सहरसा: बिहार के लगभग 16 जिलों में बाढ़ का भीषण प्रकोप है. भारी बारिश और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सहरसा जिले के बनमा इटहरी प्रखंड के निचले इलाकों में कई गांव जलमग्न हो गए हैं. इससे यहां रहने वाले लोगों के बीच काफी काफी समस्या उतपन्न हो गई है.

हालांकि, इस बीच जलमग्न इलाको में जलस्तर कम हो गया है लेकिन लोगों की समस्या कम नही हुई है. ऐसे में खासकर मवेशी पालकों को अपने पशुओं को रखने और उनके चारे को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है. मवेशी पालक अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थान पर जाने को मजबूर हैं.

पिछले कई दिनों से जिला मुख्यालय के पटेल मैदान में करीब एक सौ की संख्यां में मवेशी पालक छोटे छोटे टेंट बनाकर यहां अपने मवेशी (गाय भैंस) के साथ रह रहे हैं और उनका दूध बेचकर गुजर बसर कर रहे हैं.

कमोबेश यही स्थिति बिहार के सभी बाढ़ ग्रसित इलाकों की है. बिहार के 16 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सीवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा में बाढ़ का पानी घुस गया है. राज्य के 130 प्रखंड में बाढ़ से त्राहिमाम मचा हुआ है.