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बिहार: घर पहुंचा शहीद कमलेश का पार्थिव शरीर, विदाई देते हुए हुई लोगों की आखें हुई नम

शहीद कमलेश की अंतिम यात्रा में हजारों की तादाद में लोग वाहनों के साथ शामिल हुए, तो कुछ लोगों ने पदयात्रा भी निकाली, जिसमें महिला-पुरूष, बच्चे-बुज़ुर्ग खासकर काफी संख्या में युवाओं ने भी हिस्सा लिया. 

बिहार: घर पहुंचा शहीद कमलेश का पार्थिव शरीर, विदाई देते हुए हुई लोगों की आखें हुई नम
गमगीन मौके पर मौजुद तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं.

बख्तियारपुर: बिहार के लाल कमलेश का पार्थिव शरीर रविवार को बख्तियारपुर स्थित उनका गांव लखनपुरा पहुंचा. अपने बहादुर बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की जुबां से बरबस यही शब्द फूट रहे थे. इस गमगीन मौके पर मौजुद तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं. 

शहीद कमलेश की अंतिम यात्रा में हजारों की तादाद में लोग वाहनों के साथ शामिल हुए, तो कुछ लोगों ने पदयात्रा भी निकाली, जिसमें महिला-पुरूष, बच्चे-बुज़ुर्ग खासकर काफी संख्या में युवाओं ने भी हिस्सा लिया. इस दौरान हर तरफ भारत माता की जय, शहीद कमलेश अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे.

 

आपको बता दें कि पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में कमलेश कुमार शुक्रवार को शहीद हुए थे. उनकी यह पहली पोस्टिंग थी. इससे पहले जब कमलेश की ट्रेनिंग खत्म हुई थी तभी वो अपने गांव आखिरी बार आए थे. लेकिन इस बार कमलेश के शहीद होने की खबर आई. 

ये भी अजीबो-गरीब इत्तेफाक रहा कि अपने जन्मदिन 14 सितंबर को कमलेश की शहादत की खबर आई, उसी दिन उनका जन्मदिन था. परिवार के लोग इस खबर को सुनकर टूट गए. एक तरफ देश के लिए कुर्बानी पर फक्र भी तो दूसरी तरफ महज 19 साल की उम्र में कमलेश को हमेशा के लिए खो देने का बेतहाशा गम भी.

आपको बता दें कि कमलेश का पार्थिव शरीर शनिवार की शाम को पटना लाया गया, जहां पटना एयरपोर्ट पर सेना के अधिकारियों ने कमलेश को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान शहीद को आखिरी विदाई देने के लिए केंद्र सरकार में मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद भी पहुंचे. 

इसके बाद शहीद का पार्थिव शरीर दानापुर कैंट में रखा गया था, फिर यहां से शहीद के उनके पैतृक गांव लखनपुरा लाया गया और इसी के साथ जिस गांव में कमलश खेले-कूदे, पढ़े-बढ़े उसी गांव से लिकल गए अपनी अनंनत यात्रा पर.