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मुजफ्फरपुर: मेयर समीर कुमार की हत्या की जांच से परिजन नहीं है खुश, CBI जांच की मांग

 मुजफ्फरपुर के पहले मेयर समीर कुमार की हत्या को सालभर बीत चुका है, लेकिन इस दौरान जिस तरह से पुलिस की जांच आगे बढ़ी है, उससे उनके परिजन संतुष्ट नहीं हैं और कह रहे हैं कि पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा

मुजफ्फरपुर: मेयर समीर कुमार की हत्या की जांच से परिजन नहीं है खुश, CBI जांच की मांग
23 सितंबर 2018 की शाम मुजफ्फरपुर के पहले मेयर रह चुके समीर कुमार की हत्या कर दी गई थी.

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर के पहले मेयर समीर कुमार की हत्या को सालभर बीत चुका है, लेकिन इस दौरान जिस तरह से पुलिस की जांच आगे बढ़ी है, उससे उनके परिजन संतुष्ट नहीं हैं और कह रहे हैं कि पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा. सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी से जांच हो, तभी पूर्व मेयर के हत्यारे बेनकाब हो सकते हैं.

23 सितंबर 2018 की शाम मुजफ्फरपुर के पहले मेयर रह चुके समीर कुमार की एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी. इस दौरान उनके ड्राइवर रोहित की भी मौत हो गई थी. पूर्व मेयर हत्याकांड को लेकर उस समय काफी हलचल हुई थी. पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है. सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन हत्याकांड के पीछे मास्टर माइंड कौन था, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है. पूर्व मेयर की पत्नी वर्षा को पुलिस जांच पर विश्वास नहीं है.

वर्षा का कहना है कि पुलिस की ओर से बार-बार एक ही बात कही जा रही है. मुख्यमंत्री से भी हमने मुलाकात की थी, जिन्होंने मामले को डीजीपी के पास भेज दिया, लेकिन अब तक जिस तरह से जांच चल रही है और आरोपितों को जमानत मिल जा रही है. उससे साफ लग रहा है कि आखिर पुलिस की ओर से किस तरह से काम किया जा रहा है.

 

पूर्व मेयर के बेटे तलुन कुमार भी पुलिस जांच पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कह रहे हैं कि दो महीने पहले रिपोर्ट-टू निकली थी, उसमें जिन लोगों का नाम आया था, उनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है. अगर सीबीआई की जांच होती है, तभी हम लोगों में न्याय की विश्वास जागेगा.

पूर्व मेयर हत्याकांड में पुलिस को अपराधी शंभू-मंटू की तलाश है, लेकिन अभी तक दोनों पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं. वहीं कारोबारी आशुतोष शाही का नाम भी पुलिस की जांच में आया है, जिन्होंने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगा रखी है, जिस पर 27 सितंबर को सुनवाई होनी है. इन सबके बीच बड़ा सवाल अब भी है आखिर पूर्व मेयर की हत्या किसके इशारे पर की गयी और उसमें जिस एके-47 का उपयोग हुआ था, वो कहां है.