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बिहार: मोतिहारी के सदर अस्पताल में मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़, नाबालिग लड़की को बनाया बालिग

मारपीट से लेकर हत्या तक के मामले में डॉक्टर का रिपोर्ट काफी मायने रखता है. पर अगर किसी सरकारी अस्पताल में रिपोर्ट में घालमेल का खेल चलता हो तो आप क्या कहेंगे. 

बिहार: मोतिहारी के सदर अस्पताल में मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़, नाबालिग लड़की को बनाया बालिग
सिविल सर्जन ने लड़की की तस्वीर देखने के बाद माना कि लड़की की उम्र 17 वर्ष से कम है.

पटना: कोर्ट में चल रहे मुकदमे में दोषियों को सजा दिलवाने के लिए डॉक्टर का मेडिकल रिपोर्ट काफी अहमियत रखता है. डॉक्टर की गलत रिपोर्ट से कोई निर्दोष दोषी बन सकता है या फिर कोई  दोषी निर्दोष बन सकता है. दुष्कर्म, मारपीट से लेकर हत्या तक के मामले में डॉक्टर का रिपोर्ट काफी मायने रखता है. पर अगर किसी सरकारी अस्पताल में रिपोर्ट में घालमेल का खेल चलता हो तो आप क्या कहेंगे. 

बिहार के मोतिहारी के सदर अस्पताल में कुछ ऐसा ही खेल चलने का आरोप एक बार फिर से लगा है. यहां पर नाबालिग को बालिग बनाकर चंद रुपया के लिए अभियुक्तों को सीधा लाभ पहुंचाने का खेल चल रहा है. जी मीडिया के पास मेडिकल रिपोर्ट की एक कॉपी है जिसमे लड़की की उम्र 17-18 वर्ष लिखा गया है जबकि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और मोतिहारी के प्रभारी सिविल सर्जन ने लड़की की तस्वीर देखने के बाद माना कि लड़की की उम्र 17 वर्ष से कम है. यानि कि लड़की नाबालिग है. 

 

जब हमने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और मोतिहारी के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. मनोज कुमार से पूछा कि नाबालिग को बालिग बना देने से न्ययालय में लड़की को कैसे न्याय मिलेगा तब स्वास्थ महकमे के साहब ने पुनः मेडिकल बोर्ड बनाकर उम्र के निर्धारण करने की बात बोलकर अपना पल्ला झाड़ लिया.

दरअसल मधुबन थाना छेत्र की एक लड़की का अपहरण हुआ था. अपहरण के बाद लड़की की बरामदगी हुई और प्रकिया के तहत लड़की का मेडिकल जांच हुआ था. लड़की के पिता का कहना है कि अगर लड़की नाबालिग रहती तो आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत कई संगीन धारा भी लग सकता था पर आरोपियों को बचाने के लिए सदर अस्पताल ने अपने मेडिकल रिपोर्ट में लड़की को नाबालिग से बालिग बना दिया है. 

सदर अस्पताल के डॉक्टर ने रिपोर्ट में लड़की का उसके पिता की शादी से तीन साल पूर्व ही लड़की के जन्म की बात लिख डाली. आधार कार्ड या स्कूल में जमा बर्थ सर्टिफिकेट के अनुसार लड़की नाबालिग है. इतना ही नही लड़की के पिता की शादी के 15 वर्ष ही हुए है जबकि सदर अस्पताल ने लडक़ी को बालिग बनाने के लिए उम्र 17-18 लिखा है यानी कि  सदर अस्पताल के रिपोर्ट के मुताबिक माता पिता की शादी से तीन वर्ष पूर्व ही लड़की का जन्म हो चुका था.