चुनाव प्रचार को गए थे मंत्रीजी, गांव के युवा घेरकर गिनाने लगे उनके कार्यकाल की नाकामियां

ग्रामीण बताते हैं कि इतने दिनों से यहां हॉस्पिटल नहीं होने से इलाज के लिए मरीजों को काफी दूर जाना पड़ता है. ग्रामीणों की मानें तो चुनाव जितने के बाद कोई नेता दोबारा नहीं आता है. 

चुनाव प्रचार को गए थे मंत्रीजी, गांव के युवा घेरकर गिनाने लगे उनके कार्यकाल की नाकामियां
चुनाव प्रचार को गए थे मंत्रीजी, गांव के युवा घेरकर गिनाने लगे उनके कार्यकाल की नाकामियां.

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले के लौकहा विधानसभा क्षेत्र के जेडीयू प्रत्याशी व बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय से चुनाव प्रचार के दौरान एक गांव के युवाओं ने अपनी नाराजगी जताई. 

दरअसल, सिसवार गांव का हॉस्पिटल खंडहर में तब्दील हो गया है. आपदा प्रबंधन मंत्री ने अस्पताल को चालू करने का ग्रामीणों से वादा किया था लेकिन अस्पताल चालू नहीं हो सका. वोट मांगने के लिए मंत्रीजी गांव पहुंचे तो कुछ युवाओं ने उनका विरोध किया.

यही नहीं चुनाव प्रचार के दौरान ग्रामीण युवाओं ने हॉस्पिटल नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए. लौकहा विधानसभा के सिसवार गांव में हॉस्पिटल 1968 में निर्माण किया गया था और 1998 में बंद हो गया.

ग्रामीण बताते हैं कि इतने दिनों से यहां हॉस्पिटल नहीं होने से इलाज के लिए मरीजों को काफी दूर जाना पड़ता है. ग्रामीणों की मानें तो चुनाव जितने के बाद कोई नेता दोबारा नहीं आता है. 

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में कई बार ऐसे मौके आए जब सिटिंग एमएलए से लेकर मंत्रीजी तक को ग्रामीणों ने न सिर्फ चुनाव प्रचार से रोका बल्कि विरोध प्रदर्शन भी किया. यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी परसा में चुनावी सभा के दौरान हो हल्ला सहना पड़ा. 

बिहार विधानसभा चुनाव में अपने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा क्या चुनाव में असर दिखाता है, यह देखना दिलचस्प होगा.