मुजफ्फरपुर: पहले नाबालिग के साथ हुआ दुष्कर्म, मां बनी तो ग्रामीणों ने बच्चे को बेचा

पंद्रह साल की किशोरी के साथ पहले तो गांव में रहने वाले मौलवी और एक अन्य युवक ने दुष्कर्म किया. फिर जब नाबालिग किशोरी बिन ब्याही मां बनी तो पूरे गांव ने पीड़ित परिवार को ही कसूरवार ठहरा दिया. 

मुजफ्फरपुर: पहले नाबालिग के साथ हुआ दुष्कर्म, मां बनी तो ग्रामीणों ने बच्चे को बेचा
गांव में ही रहने वाले मौलाना और एक अन्य शख्स पर दुष्कर्म का आरोप है.

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में पंद्रह साल की नाबालिग लड़की दुष्कर्म के बाद मां बनी लेकिन इसके बाद ग्रामीणों द्वारा नवजात बच्चे को 20 हजार रुपए में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया. गांव में ही रहने वाले मौलाना और एक अन्य शख्स पर दुष्कर्म का आरोप है.

मिली जानकारी के अनुसार पंद्रह साल की किशोरी के साथ पहले तो गांव में रहने वाले मौलवी और एक अन्य युवक ने दुष्कर्म किया. फिर जब नाबालिग किशोरी बिन ब्याही मां बनी तो पूरे गांव ने पीड़ित परिवार को ही कसूरवार ठहरा दिया. इसके बाद भी किसी की संवेदना नहीं जागी और ग्रामीणों ने मां को बच्चे से अलग अलग करने के लिए डेढ़ माह के मासूम को बेचने का प्रयास किया और बीस हजार रुपए कीमत भी तय कर दी. 

यह अमानवीय घटना मुजफ्फरपुर के कटरा की है. पूरा प्रकरण सामने आने के बाद पीड़ित नाबालिग के पिता ने नवजात और आरोपियों के डीएनए टेस्ट की मांग की है. वहीं पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है.

नाबालिग से रेप का आरोपी मौलाना मकबूल मूलरूप से सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है. वह कुछ वर्षों से मुजफ्फरपुर के कटरा में स्थित एक मस्जिद में रहता था. उसके लिए गांव के सभी घरों से अलग-अलग दिनों में खाना भेजा जाता था. इसी क्रम में कुछ महीने पहले 15 वर्षीय पीड़िता जब मौलाना के लिए खाना लेकर गई, तो मौलाना ने पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया. लड़की के बेहोश हो जाने के बाद मौलाना मकबूल ने उससे दुष्कर्म किया. इसके बाद अगले दो महीनों तक तीन बच्चों का बाप मौलाना मकबूल यह घिनौना खेल खेलता रहा. 

मौलाना की हरकत का किसी को पता न चले, इसके लिए वह पीड़िता को धमकी भी देता था कि अगर उसने जुबान खोली तो छुरा मारकर जान ले लेगा. इसी बीच कटरा में ही रहने वाले मो. शोएब को मौलाना की हरकत का पता चल गया, तो उसने भी नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया. शोएब भी शादीशुदा है.

मौलाना और शोएब की हरकत का शिकार हुई नाबालिग कुछ दिनों बाद मधुबनी स्थित अपने नानी घर चली गई. वहां से जब वह 3 महीने बाद लौटी तो उसकी मां को बेटी के गर्भवती होने का पता चला. घरवालों ने बिन ब्याही बेटी के कोख से बच्चे को जन्म लेने दिया, जिसके बाद राज से पर्दा हटा. फिर मामले पर गांव में पंचायत बैठी, जिसमें पीड़िता को ही पूरी घटना का कसूरवार मानते हुए उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया. 

अल्पसंख्यक समाज से आने वाले ग्रामीणों की पंचायत इस मुद्दे पर 4 बार बैठी और अंत में मां से दुधमुंहे बच्चे को अलग कर उसे 20 हजार रुपए में बेचने का निर्णय ले लिया गया. इधर, मुंबई में मजदूरी करने वाले पीड़िता के पिता को जब मामले की जानकारी हुई तो उसने पंचायत का निर्देश न मानते हुए महिला थाने में मामला दर्ज कराया.