कभी राशनकार्ड तो कभी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था शख्स, हुआ गिरफ्तार

थाना प्रभारी जय गोविंद कहते हैं कि शिकायत मिली कि युवक ऑनलाइन आवेदन के बहाने शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करा लेता था और डीसी ऑफिस में अपनी पहचान का हवाला दे कर फर्जीवाड़ा करता था.

कभी राशनकार्ड तो कभी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था शख्स, हुआ गिरफ्तार
कभी राशनकार्ड तो कभी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था शख्स, हुआ गिरफ्तार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बोकारो: कोरोना के इस संकट काल मे लॉकडाउन के बाद अब अनलॉकडाउन में झारखंड के बोकारो में राशन और नौकरी दिलाने के नाम पर एक ठग का करतूत सामने आया है. बोकारो में एक युवक लोगों से इस बात के पैसे ऐठ रहा था कि वो उसका राशन कार्ड बना देगा और उसे सरकारी नौकरी दिला देगा. 

लोगों को भनक लगते ही युवक को पकड़कर उसे पुलिस के हवाले किया गया. मौके पर पुलिस पहुंचकर यूवक को अपने साथ ले गई. मामला बोकारो जिले के हरला थाना क्षेत्र का है.
 
लोगों ने जानकारी दी कि वह युवक जहां राशन कार्ड बनवाने के लिए 630 रुपए चुकता करने की बात कर रहा था वही सरकारी नौकरी देने के लिए अलग से पैसे देने की बात करता था. स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अपने साथ लैपटॉप लेकर और गले में आईडी कार्ड लगा कर घूमता था ताकि लोग उसे प्रोफेशनल समझ कर आसानी से झांसे में आ जाएं.

स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि वह खुद को एक सरकारी कर्मचारी बता रहा था. उस युवक को बोकारो के हरला थाना क्षेत्र के कश्मीर कॉलोनी से पकड़ा गया. पकड़ा गया युवक अब भी अपनी पहचान छुपा रहा है. वह कभी खुद को दीपक बताता है तो कभी दिलीप कुमार. 

बताया जा रहा है कि अब तक उस युवक के झांसे में कई लोग आ कर अपने पैसे गंवा चुके थे. लेकिन पुलिस को वक्त रहते सूचना मिली और उसने युवक को पकड़ लिया. 

वही आरोपी युवक खुद को निर्दोष बताया रहा है. उसका कहना है कि वह लोगों से उनके काम के बदले सिर्फ इंटरनेट चार्ज के रूप में 40 रुपए ही लेता है. जबकि ग्रामीण कहते हैं कि वह राशन कार्ड और सरकारी नौकरी के नाम पर उनसे ठगी करता है.

थाना प्रभारी जय गोविंद कहते हैं कि शिकायत मिली कि युवक ऑनलाइन आवेदन के बहाने शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करा लेता था और डीसी ऑफिस में अपनी पहचान का हवाला दे कर फर्जीवाड़ा करता था. पकड़े गए आरोपी के पास से मिले आईडी कार्ड पर झारखंड सरकार के निशान हैं. 

पुलिस ने बताया कि वह कभी कभी तो फर्जी जिला आपूर्ति अधिकारी बन कर सरकारी डीलरों की दुकानों की जांच करने लग जाता. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश से जांच कर अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है.