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सदन में सीएम नीतीश ने किया कानून को दुरुस्त करने का दावा, दूसरे दिन हुई मॉब लिंचिंग

नीतीश कुमार ने गुरुवार को ही लॉ एण्ड आर्डर और पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए विधानसभा में काफी कुछ बातें कहीं थीं. लेकिन उसके दूसरे ही दिन सूबे में मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना हो गयी.  

सदन में सीएम नीतीश ने किया कानून को दुरुस्त करने का दावा, दूसरे दिन हुई मॉब लिंचिंग
बिहार के छपरा में मॉब लिंचिंग की बड़ी वारदात हुई है. (फाइल फोटो)

पटनाः बिहार के छपरा जिले में मॉब लिंचिंग की वारदाता सामने आयी है. चोरी के आरोप में बनियापुर थाना के नंदटोला में तीन युवकों की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी. घटना के बाद से सरकारी महकमे में हडकंप मच गया है. वहीं, दूसरी तरफ मामले पर सियासत भी शुरु हो गयी है. आरजेडी ने सरकार और कानून व्यवस्था से लोगों का भरोसा उठने का दावा किया है. वहीं, बिहार सरकार के मंत्री बिनोद सिंह कहते हैं कि एक दो घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो बिहार में कानून व्यवस्था बेहतर है. 

मॉब लिंचिंग को लेकर सु्प्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद बिहार में मॉब लिंचिंग की घटनाएं नहीं थम रहीं. पुलिस मुख्यालय की ओर से जिलों के एसपी और डीएम को भी विशेष गाईडलाईन जारी किया गया है. लेकिन सभी गाईडलाईन फाईलों तक ही सीमित हैं. छपरा में भी मॉब लिंचिंग का एक नया मामला सामने आया है. जहां चोरी के आरोप में तीन युवकों की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी. युवकों पर मवेशी चुराने का आरोप था. घटना के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है.

मामले ने बिहार की सियासत को भी गरम कर दिया है. आरजेडी नेता अब्दुलबारी सिद्दिकी ने कहा है कि गुरुवार को सीएम ने गृह विभाग का बजट पेश किया. कानून व्यवस्था को चुस्तदुरुस्त के ढेर सारे दावे किये और दूसरे ही दिन भीड़ ने तीन लोगों को पीट पीट कर मार दिया गया. ऐसा लगता है जैसे सरकार और कानून से लोगों का विश्वास उठ सा गया है. वहीं, कांग्रेस की विधायक अमिता भूषण ने कहा है कि राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार वोट बैंक की राजनीति में लगी है. मॉब लिंचिंग की घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पडेंगे.

इधर मामले पर सबसे अजीबोगरीब बयान बिहार सरकार में बीजेपी कोटा के मंत्री बिनोद सिंह का आया है. बिनोद सिंह ने पहले घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही. वहीं जब उनसे बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि एक दो घटनाओं को छोड दें तो पूरे बिहार में कानून व्यवस्था बेहतर है. वहीं बीजेपी विधायक नीरज बब्लू ने कहा है कि घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता है. लेकिन जहां घटनाएं होती हैं वहां कार्रवाई भी होती है. विपक्ष को बीजेपी का फोबिया हो गया है. आनेवाले चुनाव में ये फोबिया भी दूर हो जाएगा.

आपको बता दें कि हाल के दिनों में बिहार में लगातार उग्र भीड का तांडव देखने को मिल रहा है. छपरा की घटना से पहले फारबीसगंज में भी भीड ने प्रेम प्रसंग के मसले पर एक युवक का सर मूंड दिया और उसके साथ मारपीट की गयी. उससे पहले मुजफ्फरपुर में भी भीड ने एक मां बेटी के साथ मारपीट की और उनके सर मूंड दिये. एक साल पहले बेगुसराय में भी भीड ने हत्या करने की नीयत से पहुंचे तीन लोगों को पीट पीट कर मार डाला था. शुक्रवार को वैशाली में लूट की नीयत से पहुंचे तीन लुटेरों में से एक को भीड ने पीट पीट कर अधमरा कर दिया. 

सवाल उठना लाजिमी है. नीतीश कुमार ने गुरुवार को ही लॉ एण्ड आर्डर और पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए विधानसभा में काफी कुछ बातें कहीं थीं. लेकिन उसके दूसरे ही दिन सूबे में मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना हो गयी.