प्रवासी श्रमिकों को गृह जिले में रोजगार के लिए मेगा प्लान पर काम कर रही सरकार: संजय जायसवाल

संजय जायसवाल ने कहा कि, बीते तीन महीने में प्रधानमंत्री मोदी के हर निर्णय के केंद्र में गांव, गरीब और मजदूरों का कल्याण दिखा है.

प्रवासी श्रमिकों को गृह जिले में रोजगार के लिए मेगा प्लान पर काम कर रही सरकार: संजय जायसवाल
प्रवासी श्रमिकों को गृह जिले में रोजगार के लिए मेगा प्लान पर काम कर रही सरकार: संजय जायसवाल. (फाइल फोटो)

पटना:  केंद्र सरकार को प्रवासी मजदूरों के हित में समर्पित बताते हुए बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा, 'कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों, किसानों के हितों के लिए कदम उठा रही है. चाहे वह 1.70 लाख करोड़ का गरीब कल्याण पैकेज प्रदान करना हो या, 20 लाख करोड़ के पैकेज से आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प हो.'

बीजेपी नेता ने कहा कि, बीते तीन महीने में प्रधानमंत्री मोदी के हर निर्णय के केंद्र में गांव, गरीब और मजदूरों का कल्याण दिखा है. अब सरकार का फोकस लॉकडाउन से प्रभावित प्रवासी श्रमिकों को उन्हें गृह जिले में रोजगार दिलाने पर हो चुका है.

जानकारी के मुताबिक, मोदी सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए एक मेगा प्लान तैयार कर रही है, जिसके तहत लॉकडाउन के दौरान अपने राज्यों और गांव वापस लौटने वाले लाखों लोगों के रोजगार और पुनर्वास के लिए पूरा खाका तैयार किया गया है.

केंद्र सरकार की तरफ से देश के छह राज्यों के उन 116 जिलों की पहचान की गई है, जहां पर सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूरों ने लॉकडाउन के दौरान घर वापसी की है. इसमें बिहार के सर्वाधिक 32 जिले शामिल हैं.

डॉ जायसवाल ने कहा,  'केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित इन 116 जिलों में सोशल वेलफेयर और डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम को मिशन मोड में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य लॉकडाउन के दौरान लौटने वाले मजदूरों के लिए रोजगार, आजीविका, गरीब कल्याण सुविधाओं और कौशल विकास के लाभ को सुनिश्चित करना है.

इन जिलों में मनरेगा, स्किल इंडिया, किसान कल्याण योजना, पीएम आवास योजना, जनधन योजना, खाद्य सुरक्षा योजना के साथ-साथ केंद्र की अन्य योजनाओं को भी पूरी गति से चलाया जाएगा.'

संजय जायसवाल ने कहा कि, इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एलान किए गए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इन जिलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. सरकार की प्रतिबद्धिता और योजनाओं को धरातल पर उतारने की कार्यशैली को देखते हुए, जल्द ही इस योजना का सकारात्मक प्रभाव दिखना तय है.