RJD के पोस्टर में लगी सजायाफ्ता शहाबुद्दीन की तस्वीर, तेजस्वी यादव के आवास पर थी बैठक

तेजस्वी यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन पार्टी के पूर्व सांसद हैं. उनकी तस्वीर लगाने में कोई बुराई नहीं है. उन्होंने कहा कि बैनर पोस्टर में पार्टी के नेताओं की तस्वीर लगती रही है. 

RJD के पोस्टर में लगी सजायाफ्ता शहाबुद्दीन की तस्वीर, तेजस्वी यादव के आवास पर थी बैठक
तेजस्वी यादव के आवास पर बुलाई गई थी बैठक.

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में मर्डर केस के कई मामलों में सजायाफ्ता सीवान लोकसभा के पूर्व बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) की तस्वीर लगाने को लेकर सियासत तेज है. एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (एनडीए) के नेताओं ने इसको लेकर आरजेडी पर निशाना साधा है. वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejahswi Yadav) ने इसको लेकर सफाई दी है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन पार्टी के पूर्व सांसद हैं. उनकी तस्वीर लगाने में कोई बुराई नहीं है. उन्होंने कहा कि बैनर पोस्टर में पार्टी के नेताओं की तस्वीर लगती रही है. शहाबुद्दीन की तस्वीर लग जाना कोई बड़ी बात नहीं है. ज्ञात हो कि तेजस्वी यादव के आवास पोलो रोड पर आरजेडी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक के दौरान लगे बैनर में लालू-राबड़ी के साथ शहाबुद्दीन की तस्वीर भी प्रमुखता से लगी थी.

तेजस्वी यादव ने लगे हाथ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला कर दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग क्या कर रहे हैं? स्वामी चिन्मयानंद के बारे में सभी जानते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी के जितने भी अपराधी आते हैं, उनको अपग्रेड कर दिया जाता है. जो पॉर्न देखता है, उसे डिप्टी सीएम बना दिया जाता है. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है.

ऐसे मामलों में बीजेपी कहां आरजेडी पर हमला करने से चूकती. पोस्टर को लेकर बीजेपी विधायक सह प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि आरजेडी के पास कोई चेहरा नहीं है. पार्टी की संसकृति ही अपराधियों से जुड़ी हुई है. वहीं, जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि तेजस्वी यादव की कथनी और करनी में हमेशा फर्क रहता है. एक तरफ वह क्रिमिनल पर बात करते हैं और दूसरी तरफ सजायाफ्ता अपराधी को पोस्टर बॉय बनाते हैं. जेडीयू प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आरजेडी माल-मॉल, जेल-बेल, पैसे की खेल वाली पार्टी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी आरजेडी बालात्कारियों को पोस्टर में जगह देती आई है.