बिहार में 5 हजार से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर का पद खाली, 2020 तक होगी बहाली

 पटना विश्वविद्यालय से लेकर नई बनी तीन यूनिवर्सिटी में भी अस्टिटेंट प्रोफेसर के पदों पर अरसे से भर्ती नहीं हुई है. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी यूजीसी ने गंभीरता से लिया है.

बिहार में 5 हजार से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर का पद खाली, 2020 तक होगी बहाली
बिहार में 5 हजार से अधिक अस्टिटेंट प्रोफेसरों के पद खाली हैं.

पटना: बिहार (Bihar) के परंपरागत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के काफी संख्या में पद खाली हैं. पटना विश्वविद्यालय से लेकर नई बनी तीन यूनिवर्सिटी में भी अस्टिटेंट प्रोफेसर के पदों पर अरसे से भर्ती नहीं हुई है. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी यूजीसी (UGC) ने गंभीरता से लिया है.

यूजीसी ने बिहार के विश्वविद्यालयों से शिक्षकों के पद भरने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है. यूजीसी ने उच्च शिक्षा विभाग से कहा है कि,सातवें वेतनमान का लाभ बिहार की यूनिवर्सिटी को तभी मिलेगा जब अस्टिटेंट प्रोफेसर की नियुक्ति तयशुदा निर्देशों के अनुरूप हों.

उच्च शिक्षा निदेशक, डॉक्टर रेखा कुमारी के मुताबिक,सूबे में 5 हजार से अधिक अस्टिटेंट प्रोफेसरों के पद खाली हैं और अलग-अलग यूनिवर्सिटी से रिक्तियों की जानकारी देने के लिए कई बार कहा गया. बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है. लेकिन साल 2020 में खाली पड़े पदों को भर दिया जाएगा.

बिहार में पिछले साल तीन नई यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद इस वक्त तेरह परंपरागत यूनिवर्सिटी हैं जिसमें शिक्षकों की संख्या 12 हजार के करीब हैं. बीते कुछ महीनों में पटना यूनिवर्सिटी सहित दूसरी यूनिवर्सिटी को शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की गई है. 

लेकिन ये काफी नहीं है. पहले बिहार में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के शिक्षक पदों की भर्ती बिहार लोकसेवा आयोग के जरिए होती थी लेकिन अब इसके लिए बिहार सरकार ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग बनाया है. बिहार में फिलहाल 13 विश्वविद्यालय हैं जिसमें 12 हजार के करीब टीचिंग स्टाफ के पद हैं. जानकारी के मुताबिक, 7 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं. 

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रोफेसर गिरिश कुमार चौधरी के मुताबिक, प्रोफेसर की कमी का असर सीधे तौर से पढ़ाई पर होता है. गिरिश कुमार चौधरी के मुताबिक,सिर्फ पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में ही 600 से अधिक टीचिंग स्टाफ के पद खाली है. जल्द ही विषयवार रिक्त प्रोफेसर की संख्या तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी.