बिहार में कम नहीं हो रहा बाढ़ का 'प्रकोप', 83 लाख से अधिक लोग प्रभावित

बिहार के कुल 1333 पंचायत के 83 लाख 62 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. इसमें से सरकार ने 5 लाख 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है.

बिहार में कम नहीं हो रहा बाढ़ का 'प्रकोप', 83 लाख से अधिक लोग प्रभावित
बिहार के 16 जिले बाढ़ प्रभावित हैं. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में बाढ़ (Flood) का बल कम नहीं होता दिख रहा है. बिहार के 16 जिले बाढ़ प्रभावित हैं. सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सिवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा में बाढ़ की पानी घुस चुका है.

बिहार में 130 प्रखंड में बाढ़ से त्राहिमाम मचा हुआ है. बिहार के कुल 1333 पंचायत के 83 लाख 62 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. इसमें से सरकार ने 5 लाख 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. वहीं, राहत शिविरों की संख्या 6 है जिसमें 5 हजार 186 लोग शरण ली है.

बाढ़ प्रभावितों को खाना खिलाने के लिए 119 समुदायिक कीचेन केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिसमें 97 हजार  633 लोग भोजन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि, अब तक बाढ़ में डूबने से 27 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 88 मवेशियों की भी जान गई है. जबकि, राहत बचाव कार्य में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की 21 टुकड़िया लगी हुई हैं.

गौरतलब है कि, बिहार को मानसून (Monsoon) के कहर से अगस्त में राहत जरूर मिली. मगर बाढ़ के हालात से निजात नहीं मिली है. प्रदेश के कई जिले अभी भी बाढ़ से बेहाल हैं. प्रदेश के करीब 20 जिलों में बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ है.

भारी-बारिश और बाढ़ से बिहार में करीब 33 फीसदी फसल को नुकसान का अनुमान है. बिहार में बीते सप्ताह तक 32.59 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी. जबकि प्रदेश के किसानों ने मक्के की बुवाई 3.92 लाख हेक्टेयर में की है.

आंकड़ों के अनुसार, बिहार में चालू खरीफ सीजन में 92,000 हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुवाई हुई है. जबकि तिलहनों की बुवाई 80,000 हेक्टेयर में हुई है. विभागीय अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में बाढ़ और अत्यधिक बारिश के चलते, करीब 33 फीसदी खरीफ फसलों का नुकसान होने का अनुमान है.