बिहार : मां ने 8 महीने की बेटी को झाड़ी में फेंका, दूसरे परिवार ने अपनाया

निर्दयी मां ने भले ही उसे लावारिस अवस्था में छोड़कर चली गई, लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था. इस नन्ही सी जान को पालने के लिए दूसरी मां मिली. 

बिहार : मां ने 8 महीने की बेटी को झाड़ी में फेंका, दूसरे परिवार ने अपनाया
बलहा के एक परिवार ने इस बच्ची को अपनाया.

खगड़िया : आज बेटियां हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है. फाइटर प्लेन उड़ाने से लेकर घर की जिम्मेदारी तक का संभाल रही है. सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देकर लगातार लोगों से बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए कह रही है, लेकिन समाज में आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो बेटी पैदा होने पर खुश नहीं होते हैं. यही वजह है कि एक मां ने आठ माह की अपनी बेटी को झाड़ी में छोड़कर चली गई. 

निर्दयी मां ने भले ही उसे लावारिस अवस्था में छोड़कर चली गई, लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था. इस नन्ही सी जान को पालने के लिए दूसरी मां मिली. खगड़िया के एक परिवार ने उसे अपनाया. आज वह उनकी गोद में हंस खेल रही है.

आठ महीने की बच्ची को क्या पता था कि जिसने उसे जन्म दिया वही उसके साथ ऐसा व्यवहार करेगी. उसे क्या मालूम वह जिस दुनिया में आई है वहां कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेटियों के साथ ऐसा भेदभाव करते हैं. 

भला हो मानसी के बलहा गांव के उस परिवार का, जिसने उस आठ माह की बेटी को लावारिस अवस्था में झाड़ी से उठाकर घर लाया. फिर एक मां के प्यार के साथ पिता और चाची का भी प्यार मिल रहा है. इस मां ने भले ही कोख से इस नन्ही सी जान को जन्म नहीं दिया, लेकिन आज उसका लालन-पालन कर रही है. घर के सभी लोग खुश हैं. स्थानीय लोग उस परिवार की काफी सराहना कर रहे हैं, जिसने इस नन्ही सी जान को मां-बाप का प्यार दिया.