बिहार : दुर्घटनाग्रस्त कार से मिले एक करोड़ 31 लाख, फर्जी तरीके से निकाले गए थे पैसे

मोतिहारी में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए जमीन का अधिग्रहण चल रहा है. इसी क्रम में एक फर्जी शख्स ने खुद को सुखदेव साह होने के कागजात लेकर भू-अर्जन कार्यालय पहुंचा.

बिहार : दुर्घटनाग्रस्त कार से मिले एक करोड़ 31 लाख, फर्जी तरीके से निकाले गए थे पैसे
दुर्घटनाग्रस्त कार से पैसों से भरा बैग बरामद.

मोतिहारी : बिहार के मोतिहारी में एक दुर्घटनाग्रस्त कार में रुपयों से भरे बैग मिलने के मामले का उद्भेदन हो गया है. अरेराज डीएसपी और एसडीएम ने माना है कि बरामद रुपया भू-अर्जन कार्यालय से फर्जी पहचान के आधार पर निकाले गए तीन करोड़ की राशि का ही हिस्सा है. 

मोतिहारी में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए जमीन का अधिग्रहण चल रहा है. इसी क्रम में एक फर्जी शख्स ने खुद को सुखदेव साह होने के कागजात लेकर भू-अर्जन कार्यालय पहुंचा था. इसके पास मोतिहारी अंचल कार्यालय से निर्गत भूमि का स्वामित्व प्रमाण पत्र भी था, जिसके आधार पर उसे तीन करोड़ का भुगतान हो गया. 

मामले का खुलासा तब हुआ जब असली सुखदेव साह सामने आया. सोमवार को टाउन थाना में तीन करोड़ का भुगतान लेने सुखदेव साह सहित उसके खाते से जिन-जिन लोगों को पैसे ट्रांसफर किए गए थे, सभी पर एफआईआर दर्ज कर दिया गया है. दर्ज एफआईआर में जयकिसुन तिवारी का भी नाम है, जिनके खाते में एक करोड़ तीस लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. 

जब जयकिसुन को एफआईआर की जानकारी मिली तो आनन-फानन में उसने एक करोड़ 31 लाख रुपये को ठिकाने लगाने के लिए कार से निकला था. घबराहट में कार ने आगे  चल रहे ट्रैक्टर में पीछे से टक्कर मार दी. मौके पर पुलिस को देखकर दुर्घटना के बाद जयकिसुन तिवारी कार छोड़कर भाग गया, लेकिन कार में रुपये से भरा बैग नहीं निकाल सका.

दुर्घटनाग्रस्त कार में मिले कागजात से साबित हो सका कि कर जयकिसुन तिवारी का ही है. मंगलवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हरसिद्धि थाने में रुपयों से भरे बैग को खोला गया. चार घंटे तक चले नोटों की गिनती के बाद एक करोड़ 31 लाख रुपये होने की पुष्टि हुई.