आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारकों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंचा मुंगेर

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जिले में आठ लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक जिले में लगभग एक लाख 50 हजार गोल्डन कार्ड बनाया गया है. उन्होंने कहा की बिहार में हम गोल्डन कार्ड बनाने में तीसरे स्थान पर हैं. जल्द ही लक्ष्य पूरा कर लेंगे.

आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारकों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंचा मुंगेर
बिहार में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारकों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंचा मुंगेर.

मुंगेर: प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत जिले में रंग ला रही है. बिहार के मुंगेर में आयुष्मान भारत का लाभ उठाने के लिए गोल्डन कार्ड बनाने का जो लक्ष्य तय किया गया था, उसमें जिले का तीसरा स्थान है. अपने लक्ष्य की प्राप्ति के साथ इस योजना का लाभ जिले के प्राइवेट नर्सिंग होम में मिले इसको लेकर सिविल सर्जन ने तैयारी शुरू कर दी है.

दरअसल, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत जिले में आठ लाख गोल्डन कार्ड बनना है. इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. पुरूषोत्तम कुमार ने जिले के सभी प्रखंडों में बड़े पैमाने पर इस बार शिविर लगाया, जहां लोगों ने काफी संख्या में गोल्डन कार्ड बनवाया. वहीं लाभुकों को गोल्डन कार्ड का लाभ प्राइवेट नर्सिंग होम में मिले इसको लेकर सिविल सर्जन ने कवायद शुरू कर दी है. 

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जिले में आठ लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक जिले में लगभग एक लाख 50 हजार गोल्डन कार्ड बनाया गया है. उन्होंने कहा की बिहार में हम गोल्डन कार्ड बनाने में तीसरे स्थान पर हैं. जल्द ही लक्ष्य पूरा कर लेंगे.

उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत जिले में छह निजी अस्तपतालों ने ऑनलाइन अप्लाई किया था, लेकिन जब जांच की गई तो उसमें दो अस्पतालों का इंफ्रास्ट्रक्चर ही दुरुस्त नहीं पाया गया, जिसके कारण उन्हें नहीं जोड़ा गया. इसके अलावा चार प्राइवेट अस्पतालों को भी शामिल किया गया है, अब इन अस्प्तालों में आयुष्मान भारत योजना के लाभुक इसका लाभ ले सकेंगे.