बेतिया में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खस्ता! केंद्रों पर डॉक्टर नहीं, मरीज इलाज के लिए हाल-बेहाल

Bettiah Samachar: इस पीएचसी में तैनात चिकित्सकों की मनमानी ऐसी है कि रविवार के दिन कभी भी यह पीएचसी नहीं खुलता हैं.  

बेतिया में  स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खस्ता! केंद्रों पर डॉक्टर नहीं, मरीज इलाज के लिए हाल-बेहाल
केंद्रों पर डॉक्टर नहीं, मरीज इलाज के लिए हाल-बेहाल. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Bettiah: कोरोना (Corona) की दूसरी लहर में सूबे की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है. ऐसे में सरकार तीसरी लहर से निपटने की सारी तैयारी पूरी कर लेने का दावा कर रही हैं. लेकिन इस तरह से पश्चिम चम्पारण जिले में एक के बाद एक स्वास्थ्य विभाग की जमीनी हकीकत सामने आ रही है. इससे लगता है कि पश्चिम चम्पारण जिले के स्वास्थ्य महकमे के लिए कोरोना से जंग जितना लोहे के चने चबाने के जैसा होगा.

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बेतिया जिले के मुख्यालय से सटे यूपी बिहार सीमा पर स्थित गंडक दियारा के योगापट्टी पीएचसी से बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की कुछ ऐसी हीं तस्वीर सामने आई हैं. यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंद है और डॉक्टर समेत चिकित्सा कर्मी ताला जड़कर ड्यूटी से नदारद हैं. वहीं, गंभीर हालत वाले मरीजों को गोद में लेकर परिजन भटक रहे हैं. 

पश्चिम चम्पारण जिले का योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र जिसमें दियारा का इलाका आता हैं और यहां लगभग दो लाख लोग रहते हैं. इसके लिए सरकार ने यहां पीएचसी तो बना दिया. लेकिन इस पीएचसी (PHC) में तैनात चिकित्सकों की मनमानी ऐसी है कि रविवार के दिन कभी भी यह पीएचसी नहीं खुलता हैं.

आलम यह है कि कोरोना संकट के इस दौर में भी अस्पताल का ताला रविवार को नहीं खुला और मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे. दर्द से कराह रही बच्ची को अपनी गोद में लिए उसका पिता दर-दर भटकता रहा था. लेकिन अस्पताल का ताला नहीं खुला लिहाजा बच्ची को लेकर उसके पिता नीजि क्लीनिक के लिए चले गए.

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यूपी-बिहार सीमा पर स्थित गंडक दियारावर्ती इलाके के लोगों के साथ-साथ स्थानीए लोग भी अस्पताल में तैनात चिकित्सक व कर्मी की मनमानी से परेशान हैं. लिहाजा स्थानीए मुखिया भी सरकार से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग कर रहें हैं. मुखिया के साथ-साथ स्थानीए लोगों ने इसकी शिकायत जिले के सबसे बड़े सीविल सर्जन फोन पर जानकारी भी दी. 

इसके बावजूद अस्पताल में ना तो चिकित्सक पहुंचे और ना हीं कोई कर्मी. हालांकि सीविल सर्जन ने फोन पर बताया हैं कि 'जिस चिकित्सक की ड्यूटी पीएचसी में थी. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी.'

(इनपुट-इमरान अज़ीज)