Corona से 48 घंटे में 30 लोगों की मौत से सहमा शहर, ऑक्सीजन ने ले ली कइयों की जान

Muzaffarpur Samachar: निजी अस्पताल और होम आइसोलेशन में भर्ती कुछ मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर का खर्चा नहीं उठा सके जिसके चलते उन्होंने दम तोड़ दिया.

Corona से 48 घंटे में 30 लोगों की मौत से सहमा शहर, ऑक्सीजन ने ले ली कइयों की जान
Corona से 48 घंटे में 30 लोगों की मौत से सहमा शहर.

Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने लोगों को अब सख्ते में डाल दिया है कि क्या किया जाए और क्या नहीं. जिले के शहरी इलाकों से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बस कोरोना का ही आतंक है. बीते 48 घंटों में जिले में कुल मिलाकर 30 लोगों की जान जा चुकी है. जिसमें 12 SKMCH, 10 निजी अस्पताल तथा 8 लोगों ने होम आइसोलेशन में दम तोड़ा है.

जानकारी के अनुसार, निजी अस्पताल और होम आइसोलेशन में भर्ती कुछ मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर का खर्चा नहीं उठा सके जिसके चलते उन्होंने दम तोड़ दिया. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना महामारी कितनी खतरनाक स्थिति में है. वहीं, दूसरी और सबसे बड़ी बात है कि जिले में मात्र एक ऑक्सीजन प्लांट है, वह भी बेला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है जहां से करीब 500 सिलेंडर प्रतिदिन निकालने की कोशिशें हो रही है.

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दूसरी ओर ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपने चरम पर है. जो सिलेंडर सौ रुपए से लेकर साढ़े पांच सौ रुपए तक का आता था आज वही सिलेंडर जब लोगों की लाइफ लाइन बन गया है तो एक दो हजार नहीं बल्कि 10,000 से ऊपर की कीमत का हो गया है. आजकल जिले में दुकानदार से लेकर बिचौलिए तक जो ऑक्सीजन सिलेंडर का काम करते हैं वह इस महामारी को अवसर बना रहे हैं. 

इस पूरे प्रकरण पर स्वास्थ्य महकमे में कोई भी अधिकारी पदाधिकारी देखने को तैयार नहीं है. जब पूरी जानकारी मीडिया कर्मियों द्वारा डीएम मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार को दी गई तब जाकर डीएम ने भूमि सुधार उप समाहर्ता पूर्वी और नगर डीएसपी के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन दिया और यह निर्देश दिया कि जहां भी ऑक्सीजन सिलेंडर कालाबाजारी या फिर उसका भंडारण हो रहा हो उसे गहन जांच किया जाए, दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो.

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इधर, जब ऑक्सीजन उत्पादन के लिए ड्रग इंस्पेक्टर उदय बल्लव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिल्ली और यूपी में ऑक्सीजन की मांग ज्यादा बढ़ गई है जिस कारण गाजियाबाद प्लांट से लिक्विड सप्लाई को बंद कर दिया गया है. अभी इसकी आपूर्ति सिर्फ झारखंड से हो रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले समय में मुजफ्फरपुर में भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दिखेगा. क्योंकि मुजफ्फरपुर एवं आसपास का इलाका एक प्लांट के सहारे चल रहा है.  

ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए जो लिक्विड है वह गाजियाबाद से आना बंद हो गया है. सिर्फ झारखंड से आपूर्ति हो रही है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में मुजफ्फरपुर एवं आसपास के लोगों के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर एक बड़ी समस्या होगी. 

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो बुधवार को जिले में 496 नए पॉजिटिव मामले सामने आए जिससे एक्टिव केसों की संख्या जिले में 4,490 हो गई है तथा मौतों की संख्या कुल 115 तक पहुंच गई है. अब ऐसे में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इन छोटे-छोटे पहलुओं पर पहले से ही नजर रखनी होगी अन्यथा ऑक्सीजन का सिलेंडर इस महामारी में परेशानी का सबब बन सकता है. 

(इनपुट-मनोज कुमार)