कोरोना ने रोकी बिजली परियोजना की रफ्तार, इस महीने में हो सकता है उद्घाटन

परियोजना के क्रियान्वयन में एक साल की देरी हुई है और पहले चरण में 800-800 मेगावाट की तीन इकाइयों में से पहली इकाई के अगले साल के बजाए जुलाई 2023 तक चालू होने की संभावना है.

कोरोना ने रोकी बिजली परियोजना की रफ्तार, इस महीने में हो सकता है उद्घाटन
कोरोना ने रोकी बिजली परियोजना की रफ्तार (फाइल फोटो)

Ranchi: केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम NTPC और झारखंड बिजली वितरण निगम लि. की संयुक्त उद्यम पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लि. की 4,000 मेगावाट क्षमता की अत्याधुनिक तापीय बिजली परियोजना के क्रियान्वयन में कोविड-19 महामारी की वजह से देरी हो रही है. इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. 

अधिकारी ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में एक साल की देरी हुई है और पहले चरण में 800-800 मेगावाट की तीन इकाइयों में से पहली इकाई के अगले साल के बजाए जुलाई 2023 तक चालू होने की संभावना है. यह परियोजना रामगढ़ के पतरातू में लगायी जा रही है.

PVUNL के महाप्रबंधक (एचआर) सबैस्टिन जोसेफ ने कहा, 'पहले चरण के तहत, 3 गुणा 800 मेगावाट क्षमता निर्माणाधीन है. 800 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई 2022 में चालू होने वाली थी और समान क्षमता की अन्य दो इकाइयों को छह महीने के अंतराल पर चालू करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन अब महामारी के कारण परियोजना में एक साल की देरी हो गई है.'

संयुक्त उद्यम कंपनी पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लि. का गठन 15 अक्टूबर, 2015 में हुआ था. इसमें NTCP की 74 प्रतिशत और झारखंड बिजली वितरण निगम लि. की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

(इनपुट: आईएएनएस)

 

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