नेपाली सशस्त्र प्रहरी और भारतीय ग्रामीणों के बीच भड़का आक्रोश, जमकर चला विरोध प्रदर्शन, जानिए क्या है पूरा मामला

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के भेड़िहरवा चेक पोस्ट पर तैनात नेपाली सशस्त्र प्रहरी और भारतीय भेड़िहरवा गांव के ग्रामीणों के बीच रविवार की सुबह आपस में तनाव पैदा हो गया.  

नेपाली सशस्त्र प्रहरी और भारतीय ग्रामीणों के बीच भड़का आक्रोश, जमकर चला विरोध प्रदर्शन, जानिए क्या है पूरा मामला
नेपाली सशस्त्र प्रहरी और भारतीय ग्रामीणों के बीच भड़का आक्रोश.

Bettiah: नेपाल सशस्त्र प्रहरी के द्वारा दूध देने आए नेपाली युवक के साथ भारतीय जानकर मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है. इंडो-नेपाल बॉर्डर पर मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के भेड़िहरवा चेक पोस्ट पर तैनात नेपाली सशस्त्र प्रहरी और भारतीय भेड़िहरवा गांव के ग्रामीणों के बीच रविवार की सुबह आपस में तनाव पैदा हो गया.

दरअसल, भेड़िहरवा (नेपाल) से जीरो किलोमीटर पर स्थित भेड़िहरवा (भारत) गांव मे डेयरी का दूध लेकर भीम साह का पुत्र रवि रौशन आया था. दूध आपूर्ति कर जब वह नेपाली नाका पर पहुंचा तो नेपाली पुलिस ने उसे रोककर पीटना शुरू कर दिया. किसी तरह भाग कर वह अपने गांव पहुंचा और सारी आपबीती गांव के लोगों को बताई. आपबीती सुनते ही दर्जनों की संख्या में नेपाली नागरिक नाका पर पहुंच अपने ही पुलिस का विरोध करने लगे और उलझ गए.

नेपाली लोगों को विरोध करते देख मौके पर दर्जनों की संख्या में भारतीय नागरिक भी पहुंच गए. इसके बाद दोनों देशों के लोग सामूहिक रूप से नेपाली पुलिस का विरोध करने लगे. वहीं, भारतीय नागरिकों का आक्रोश एकाएक भड़क उठा और उन्होंने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया. 

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वहीं, प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि 'दोनों गांव के बीच की दूरी महज एक छोटे पुल की है. जहां पर पिलर संख्या 413/15 मौजूद है. इसकी दुरी 10 मीटर से भी कम है. नेपाल से बेटी-रोटी का संबंध होने के कारण दोनों गांव के लोग आपसी भाईचारा और सौहाद्र स्थापित करते है.'

आक्रोशित लोगों का कहना था कि जब नेपाल से लोग भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं तो नेपाल ससस्त्र प्रहरी द्वारा छुट दी जा रही है. लेकिन भारतीय क्षेत्र से नेपाल में प्रवेश करने पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी द्वारा नेपाल में लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है.'

ग्रामीणों ने नेपाली सशस्त्र प्रहरी पर आरोप लगाते हुए बताया कि 'भीम साह के पुत्र रवि रौशन की भारतीय नागरिक जानकर पिटाई की गई. वरना नेपाल सशस्त्र प्रहरी के द्वारा पिटाई नहीं कि जाती जो सरासर गलत है.' 

इधर, भारतीय क्षेत्र के लोगों का कहना है कि 'हमलोगों के गांवों मे मील नहीं होने के कारण हम सभी गेहूं और मसाला पिसवाने के लिए अपने बगल के गांव नेपाल ही जाते हैं. ऐसे में अगर स्थिति यही रहती है तो हम सभी के समक्ष भी समस्या उत्पन्न हो सकती है.'

बॉर्डर पर लोगों के प्रदर्शन से घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. इधर, प्रदर्शन की सूचना पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी मिर्जापुर के इंस्पेक्टर कृष्णा अधिकारी, भेड़िहरवा बीओपी 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सब इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार, एस‌एसबी अधिकारी चटोरिया मुरमुर, मुख्य आरक्षी विपिन कुमार, चौकीदार मुस्लिम अंसारी, छिपहर माई नेपाल वार्ड नंबर 2 के गांवपालिका महेंद्र साह कलवार, आदि ने पहुंचकर भारत और नेपाल के लोगों को समझाया-बुझाया और मामले को शांत कराया. अधिकारियों की घंटों मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ.

वहीं, भेड़िहरवा कैंप के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने बताया कि 'भारत और नेपाल भेड़िहरवा के लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है. साथ ही आपस में मिलजुलकर रहने की नसीहत भी दी गई है. लोगों को यह सख्त ताकीद किया गया है कि कानून को हाथ में नहीं ले. कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे बॉर्डर पर तनाव पैदा हो.' 

एसएसबी इंस्पेक्टर ने बताया कि 'इंडो नेपाल बॉर्डर पर रविवार को हुई घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी गई है. साथ ही गश्त को पूर्व से और तेज कर दिया गया है.

(इनपुट- इमरान अज़ीज़)