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राजमहल लोकसभा सीट के लिए एनडीए-यूपीए ने झोंकी ताकत, प्रत्याशियों से ज्यादा वोटर में जोश

 राजमहल लोकसभा के चुनावी मैदान में एनडीए और यूपीए गठबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है. इस लोकसभा क्षेत्र में मुकबला युवा जोश बनाम अनुभव के बीच है

राजमहल लोकसभा सीट के लिए एनडीए-यूपीए ने झोंकी ताकत, प्रत्याशियों से ज्यादा वोटर में जोश
राजमहल के मुकाबले पर सब की नज़र तब होती है

राजमहल : झारखंड के राजमहल लोकसभा के चुनावी मैदान में एनडीए और यूपीए गठबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है. इस लोकसभा क्षेत्र में मुकबला युवा जोश बनाम अनुभव के बीच है. प्रत्याशियों में चुनाव को लेकर जितना जोश नहीं दिखता उससे ज्यादा आग मतदाताओं में दिखता है. वहीं, राजमहल का मुकाबले पर सब की नज़र तब होती है जब मतदाता हिन्दू और मुसलमान में बंट जाते हैं.

वोट बैंक के नाम पर वोटों का तुष्टिकरण कोई नई बात नहीं लेकिन अगर बात राजमहल लोकसभा सीट की हो तो यहां मतदाताओं का रुझान चौकाने वाला होता है. यहां मुकाबला पार्टी और प्रत्याशियों के बीच नहीं बल्कि मानो समुदाय के बीच होता है. साहेबगंज इलाके के श्रीधर पंचायत विकास को मुद्दा मानते हुए सीधे तौर पर बीजेपी को सेट्स में लाने की बात करती है. इसी मामले पर जी मीडिया संवाददाता ने सौरभ ने हिंदू बहुल क्षेत्र इलाके का जायजा लिया.

 

अब बारी थी मुस्लिम बहुल इलाके के मतदाताओं के मन को टटोलने की इसीलिए जी मीडिया संवाददाता कामरान ने इन इलाकों का रुख किया जहां हमें पता चला कि मुद्दे कुछ भी हो दावे कोई भी करें लेकिन अपना मत सिर्फ जेएमएम या कांग्रेस को जाएगा हालांकि बातचीत के दौरान कई लोगों ने बीजेपी सरकार के बेहतर कार्य काल का भी वर्णन किया

बाहर हाल यह चुनाव है और चुनाव के बाद भले ही देश का एक नेता चुना जाए लेकिन चुनाव के दौरान लोग अलग-अलग जाति और वर्ग में बैठ जाते हैं जोकि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.