कार्तिक स्नान: आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद रही NDRF की टीम, 2 की बचाई जान

पहली घटना बांस घाट की है, जब रजनी देवी पानी के तेज बहाव में बहने लगी तभी एनडीआरएफ के मुस्तैद कार्मिक निरीक्षक अवधेश कुमार और हेड कांस्टेबल शीशपाल ने उन्हें बहते पानी से निकाल लिया. 

कार्तिक स्नान: आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद रही NDRF की टीम, 2 की बचाई जान
गंगा में लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी. (तस्वीर- ANI)

पटना: कार्तिक स्नान के अवसर पर आज 9वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम बिहटा के लगभग 200 बचावकर्मी 40 रेस्‍कयू बोट के साथ पटना के गंगा नदी के घाटों पर हर तरह के संभावित खतरों से निपटने के लिए अत्‍याधुनिक बाढ़-बचाव उपकरणें के साथ कुमार बालचंद्र, डिप्टी कमांडेंट के नेतृत्व में मुश्‍तैदी से तैनात रहे और दो लोगों की जान बचाई.

पहली घटना बांस घाट की है, जब रजनी देवी पानी के तेज बहाव में बहने लगी तभी एनडीआरएफ के मुस्तैद कार्मिक निरीक्षक अवधेश कुमार और हेड कांस्टेबल शीशपाल ने उन्हें बहते पानी से निकाल लिया. 

दूसरी घटना घाट संख्या 93 और दीघा के जेपी सेतु के बीच की है, जब दीघा निवासी सोनू कुमार पानी के तेज धार में बहने लगे. उसी समय 93 घाट पर तैनात निरीक्षक विश्वा राजीव और कॉन्स्टेबल दीपू कुमार ने तत्परता दिखाते हुए अपनी बोट डूबते हुए सोनू की तरफ ले गए और कांस्टेबल दीपू कुमार ने छलांग लगाते हुए सोनू को गहरे पानी से निकला और प्राथमिक उपचार दिया.

एनडीआरएफ के कमांडेंट विजय सिन्‍हा ने बताया कि हमारे प्रशिक्षित बचावकर्मी इस अवसर पर अलग-अलग नदी घाटों पर लोगों को हरसंभव मदद करने लिए तत्‍पर रहे. बोट पेट्रोलिंग करते हुये मेगाफोन और सीटी के माध्‍यम से स्‍नान कर रहे श्रद्धालुओं को बैरिकेटिंग के अन्‍दर ही स्‍नान करने का अनुरोध करते र‍हे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके. देर रात से एनडीआरएफ की तीन जलीय एमबुलेंस मेडिकल स्‍टाफ के साथ पटना गंगा नदी घाटों के किनारे पेट्रोलिंग करती रही.