21 घंटे बाद नेपाल पुलिस की चुंगल से छूटे शख्स की आपबीती- पहले फायरिंग की फिर जमकर पीटा

 भारत-नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को नेपाल पुलिस द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए. 

21 घंटे बाद नेपाल पुलिस की चुंगल से छूटे शख्स की आपबीती- पहले फायरिंग की फिर जमकर पीटा
सोनबरसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को नेपाल पुलिस द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई. (फोटो साभार: ANI)

सीतामढ़ी: भारत-नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को नेपाल पुलिस द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए. साथ ही एक घायल लगन किशोर को नेपाली पुलिस अपने साथ लेकर गई थी. 

लेकिन आज भारत के दबाव को देखते हुए करीब 21 घंटे के बाद नेपाल की सरकार ने 55 साल के लगन किशोर को रिहा कर दिया है, कागजी कार्रवाई के बाद सीतामढ़ी पुलिस नेपाल से लगन किशोर को लेकर उनके घर पहुंची. लगन किशोर ने कहा कि उसे खूब पीटा गया और जुर्म कबूल करने का दबाव भी डाला गया. 

 

लगन किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नेपाल पुलिस की तरफ से फायरिंग की आवाज सुनते ही हम भारत की तरफ भागे, लेकिन वो भारतीय साइड से पकड़कर ले गए. मुझे रायफल से मारा-पीटा और नेपाल के संग्रामपुर में लेकर गए. उन्होंने मुझे स्वीकार करने को कहा कि मुझे नेपाल से भारत लेकर जाया गया था. मैंने उन्हें कहा कि आप मुझे मार सकते हो लेकिन मुझे भारत से यहां लाया गया.

 

आपको बता दें कि जानकीनगर बॉर्डर पर नेपाल सशस्त्र बल की ओर से फायरिंग की गई थी, जिसमें खेत पर काम कर रहे एक भारतीय शख्स विनेश कुमार (25) की मौत हो गई, वहीं दो अन्य लोग घायल हुए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

उल्लेखनीय है कि बिहार में भारत-नेपाल सीमा खुली है तथा आमतौर पर लोगों का आना जाना लगा रहता है. कोरोना संकट को लेकर कुछ दिनों से सीमा पर एहतियात बरती जा रही है. वहीं, लगन किशोर के रिहा किए जाने से एसएसबी और प्रशसानिक महकमे ने राहत की सांस ली है.