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रावण वध के साथ बिहार में छिड़ी नई बहस, बीजेपी नेताओं की गैरमौजूदगी पर उठ रहे सवाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समय से तो पहुंचे लेकिन बीजेपी का कोई नेता इसमें शामिल नहीं हुआ. मुख्यमंत्री के साथ हमेशा दिखने वाले उप मुख्यमंत्री सुशिल कुमार मोदी तो इस कार्यक्रम से नदारद रहे.

रावण वध के साथ बिहार में छिड़ी नई बहस, बीजेपी नेताओं की गैरमौजूदगी पर उठ रहे सवाल
सुशील कुमार मोदी भी इस कार्यक्रम से नदारद रहे. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार की राजधानी पटना में रावण वध के बहाने नई राजनीतिक बहस की शुरुआत हो गई है. इस आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समय से तो पहुंचे लेकिन बीजेपी का कोई नेता इसमें शामिल नहीं हुआ. मुख्यमंत्री के साथ हमेशा दिखने वाले उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तो इस कार्यक्रम से नदारद रहे.

इस घटना में शहर का कोई विधायक भी शामिल नहीं हुआ जबकि पटना के सभी विधायक पटना के ही है और ऐसे में महज संयोग नहीं कहा जा सकता है. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा कमिटी के दवारा रावणवध के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत कई नेता पहुंचे थे.

बीजेपी खेमे के न तो उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी पहुंचे और न तो बीजेपी का कोई संसद या मंत्री, बाबजूद उसके अपने समयानुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और रावण वध कार्यक्रम के बाद नीतीश रवाना हो गए.

पटना में विजयदशमी के अवसर पर गांधी मैदान में होने वाले रावण वध के अवसर पर इस सामाजिक मंच पर राजनीत शुरू हो गई, लेकिन दहशरा कमेटी के अध्यक्ष कमल नोपानी ने इस सामाजिक मंच पर होने वाले राजनीत को गलत बताते हुए कहा की दशहरा कमिटी एक समाजिक मंच है और इसमें किसी प्रकार की राजनीत नहीं है, क्योंकि ये मंच पर सभी अतिथि उनके लिए माननीय है चाहे वो किसी भी दल के हों.

बीजेपी के किसी नेता के न आने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेश के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के साथ मिलकर कार्यकर्म की शुरुआत की, लेकिन गांधी मैदान में उपस्थित तमाम लोगों के मन में बेजीपी नेताओ के अनुपस्थिति को लेकर कई सवाल उमड़े.

हालांकि इस सामाजिक मंच पर बीजेपी के कोई नेता नहीं पहुंचने पर राजनीति के गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच कैसे संबंध रहते हैं इसपर सबकी नजर रहेगी.