सृजन घोटाले में पूर्व IAS समेत 60 पर चार्जशीट दाखिल, विपक्ष ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना

केंद्रीय जांच ब्यू्रो ने इस मामले में 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. अब इस मामले को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है.

सृजन घोटाले में पूर्व IAS समेत 60 पर चार्जशीट दाखिल, विपक्ष ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना
केंद्रीय जांच ब्यू्रो (CBI) ने इस मामले में 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले में रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी केपी रमैय्या फंस गए हैं. केंद्रीय जांच ब्यू्रो (CBI) ने इस मामले में 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. अब इस मामले को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है.

कांग्रेस (Congress) प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि, केपी रमैया जेडीयू से चुनाव लड़ चुके हैं. सृजन घोटाले का तार कहां से जुड़ा हैं ये किसी से छुपा नहीं है. जब चारा घोटाले में सीएम के फाइनैंस मिनिस्टर दोषी हुए तो, सृजन घोटाले में वर्तमान मुख्यमंत्री और फाइनेंस मिनिस्टर को दोषी क्यों नहीं माना जाए.

वहीं, आरजेडी (RJD) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि, सृजन घोटाले में असली दोषियों को बचाया जा रहा है. इस घोटाले में असली गुनहगार सरकार में बैठे हैं. अधिकरियों पर कार्रवाई सिर्फ दिखावा है. केपी रमैया तो जेडीयू से चुनाव तक लड़ चुके हैं.

इधर, सत्तापक्ष की तरह से भी बयान सामने आए हैं. जेडीयू (JDU) प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि, हमारी सरकार न किसी को बचाती है और न किसी को फंसाती है. सृजन घोटाले में सीबीआई अपना काम कर रही है. पूर्व में भी कई आईएएस पर कार्रवाई हुई है.

विपक्ष के हमले पर बीजेपी (BJP) प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि,  एनडीए (NDA) सरकार के 15 साल में विपक्ष को पता चल ही गया होगा कि, बिहार सरकार किसी भ्रष्ट या अपराधी को बख्शती नहीं है. कोई भी रसूखदार अगर भ्रष्टाचार या अपराध करेगा, तो जेल जाएगा. बिहार सरकार न तो किसी को बचाती है और न फंसाती है. सीबीआई जांच में और कोर्ट में जो आरोपी होगा, उसे सजा जरुर मिलेगी.

बता दें कि, यह घोटाला वर्ष 2008 से 2014 के बीच भागलपुर जिले में महिला सुदृढ़ीकरण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं में अरबों रुपए की राशि की धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर फर्जी निकासी से सम्बंधित है.