नीतीश कुमार गरीब बेरोजगारों को क्रिमिनल समझते हैं, डंडे बरसाते हैं, मदद नहीं करते- तेजस्वी

उन्होंने कहा कि 7 जून को मजदूर थाली बजाएंगे. तेजस्वी ने कहा मजदूरों को डंडा मारने और गोली मारने की बात कही जा रही है. मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि केवल मजदूरों का शोषण किया जाता है

नीतीश कुमार गरीब बेरोजगारों को क्रिमिनल समझते हैं, डंडे बरसाते हैं, मदद नहीं करते- तेजस्वी
नीतीश कुमार गरीब बेरोजगारों को क्रिमिनल समझते हैं, डंडे बरसाते हैं, मदद नहीं करते- तेजस्वी.

पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रतिनिधियों से बात किया, मुझे आशा थी कि समस्या का निदान करेंगे, लेकिन उन्होंने तो बस आई वाश करने का काम किया और लोगों को धोखा दिया है.

मजदूरों को प्रवासी क्यों लिखा गया
तेजस्वी यादव ने बिहार पुलिस की ओर से मजदूरों के अपराधीकरण को लेकर जारी किए गए एक लेटर को लेकर सीएम पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि मजदूर प्रवासी नहीं है लेकिन जो लेटर दिखाया उसने कहा कि जो पत्र में लिखा गया है, उसमें तो कुछ मजदूरों को प्रवासी ही लिखा गया है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पत्र में लिखा है कि जो मजदूर आ रहे है उनसे अपराध में वृद्धि हो सकता है और उस अनुसार योजना को तैयार करने को कहा गया है. इसका मतलब है कि नीतीश कुमार मजदूरों को चोर, लुटेरा कह रहे हैं. साफ तौर पर इसका मतलब है कि जो मजदूर आए हैं उनको रोजगार नहीं दिया जाएगा.

मजदूरों का शोषण करती है सरकार
उन्होंने कहा कि 7 जून को मजदूर थाली बजाएंगे. तेजस्वी ने कहा मजदूरों को डंडा मारने और गोली मारने की बात कही जा रही है. मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि केवल मजदूरों का शोषण किया जाता है, उनके लिए कुछ किया क्यों नहीं जाता. कोई रोडमैप जो उनके लिए बनाया हो तो बताएं.

तेजस्वी ने आगे कहा कि क्वारंटाइन नियमों का सभी प्रवासी मजदूरों ने पालन किया लेकिन संक्रमितो की संख्या नियंत्रित करने के लिए नीतीश सरकार ने कुछ नहीं किया. कितने लोगों को डबल इंजन की सरकार ने रोजगार दिया है और कितने लोग बेरोजगार हैं सरकार यह बताए.

7 करोड़ लोग हैं बिहार में बेरोजगार
इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिहार में पहले से 7 करोड़ लोग बेरोजगार हैं और लाखों लोग आए हैं. वह भी बेरोजगार हैं. गांव की आबादी के हिसाब से 8 करोड़ लोग बेरोजगार हैं. नीतीश कुमार गरीब बेरोजगारों को क्रिमिनल समझते हैं और डंडे बरसाते हैं.

डबल इंजन की सरकार जो नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही है, उसे केंद्र से भी मदद मिलनी चाहिए थी लेकिन नहीं मिल रही. मेरी राय मानें तो इस विकट परिस्थितियों को हम हल कर सकते हैं.

100 दिन रोजगार स्कीम को और बढ़ाना होगा
तेजस्वी यादव ने सरकार मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देती है. 100 दिन और ऐसे ही मान कर चलें तो वे बेरोजगार हैं. सरकार से मांग है कि 200 दिन का 40 लाख मजदूरों को 10,000 का भत्ता दिया जाए.

अगर ऐसे भत्ता दिया जाता है तो श्रमिक को 50 रुपया मिलेगा. सरकार अगर जल्द से जल्द एकमुश्त एक श्रमिक पर 10000 रुपए दे तो सरकार का 4000 करोड़ रूपया का खर्च आएगा.

बेरोजगारी भत्ता नहीं देती सरकार
तेजस्वी ने कहा कि जल जीवन हरियाली में 24000 करोड़ खर्च किए गए हैं लेकिन 4000 करोड़ सरकार देती है तो इन बेरोजगारों को राहत मिलेगी. महागठबंधन की सरकार में बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाता था. लेकिन डबल इंजन की सरकार में नहीं दिया जा रहा है.

इसके अलावा तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार से यह मांग की है कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और जो भी गैर-जरूरी परियोजनाएं हैं, उसको रखते हुए लोगों को रोजगार और सही इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए नई योजना बनाई जाए.

महामारी के दौर में भी खेला जा रहा भ्रष्टाचार का खेल
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी में भी भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है. क्वारंटाइन सेंटर में जो व्यवस्था की गई है उसमें भी घोटाले किए जा रहे हैं. नीतीश कुमार से मांग करते हैं जो भी मजदूर हैं, उनको जिलावार कैंप लगाकर रोजगार देना चाहिए क्योंकि श्रमिकों पास काम करने का काफी अनुभव है.

लेकिन सरकार तो रोजगार देने के नाम पर ढोंग कर रही है और पूरी तरह से फेल है. बीजेपी-जेडीयू को अपने चुनाव की चिंता है, श्रमिकों की नहीं. सरकार के पत्र को भूलवश बताए जाने के बाद तेजस्वी ने कहा कि भूल को सुधारने में देर क्यों हुई.
नीतीश कुमार और सुशील मोदी को जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए.