VIDEO: मुजफ्फरपुर पहुंचे नीतीश कुमार का विरोध, लोगों ने लगाए 'वापस जाओ' के नारे

VIDEO: मुजफ्फरपुर पहुंचे नीतीश कुमार का विरोध, लोगों ने लगाए 'वापस जाओ' के नारे

हालात का जायजा लेने के लिए खुद सीएम नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच अस्पताल पहुंचे लेकिन एसकेएमसीएच अस्पताल में लोगों ने नीतीश कुमार का जमकर विरोध किया. 

मुजफ्फरपुरः बिहार में मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (एईएस) की वजह से 126 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. वहीं, हालात का जायजा लेने के लिए खुद सीएम नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच अस्पताल पहुंचे लेकिन एसकेएमसीएच अस्पताल में लोगों ने नीतीश कुमार का जमकर विरोध किया. 

वहां मौजूद लोग सीएम वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं. आपको बता दें कि लंबे से नीतीश कुमार के मुजफ्फरपुर नहीं पहुंचने के कारण सियासत हो रही है. वहां के लोगों में भी इस बात को लेकर आक्रोश था और आज जब नीतीश कुमार अस्पताल पहुंचे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है. 

 

अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों की मांग है कि उन्हें नीतीश कुमार से मिलने दिया जाए. लोगों का आरोप है कि सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है. एसकेएमसीएच में जब भी कोई मंत्री पहुंचे हैं, वहां जबरदस्त हंगामा हुआ है. 
आपको बता दें कि अस्पताल के अंदर मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई है. लोगों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्था है खराब है और सरकार की तरफ से कोई दवा नहीं दी जा रही है. बड़ी संख्या में वहां परिजन मौजूद हैं और सभी 'नीतीश कुमार वापस जाओ', और 'हाय-हाय' का नारा लगाया जा रहा है. 

एसकेएमसीएच के परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया है. बेरिकेडिंग लगाई लगी है. लोगों को अभी भी उम्मीद है कि नीतीश कुमार के आने से चीजें शायद पहले से बेहतर हो जाए. वहीं, लोगों का मानना है अगर नीतीश कुमार पहले आते तो स्थिति बेहतर होती. 

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर में इन दिनों चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों से पूरा अस्पताल भरा पड़ा है. वहीं, बच्चों की लाश भी दिख रहे हैं. अब इस प्रकोप के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को मुख्य रूप से जिम्मेवार ठहराया जा रहा है.

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर में इन दिनों चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों से पूरा अस्पताल भरा पड़ा है. वहीं, बच्चों की लाश भी दिख रहे हैं. अब इस प्रकोप के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को मुख्य रूप से जिम्मेवार ठहराया जा रहा है.

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