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पटना: लॉ एंड ऑर्डर की बैठक में कड़े तेवर में दिखे नीतीश, कहा- 'हर हाल में हो अपराध पर नियंत्रण'

18वें दिन दूसरी बार विधि व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की, तो लगा कि कोई बड़ा फैसला सरकार ले सकती है. हाल के दिनों में जिस तरह से घटनाएं बढ़ी हैं, उससे सरकार पर दबाव बढ़ा है. ये बात सात जून की समीक्षा बैठक के दौरान दिखी थी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी, डीजीपी सेल, आईजी, डीआईजी और एसपी को विभिन्न निर्देश जारी किए थे.

पटना: लॉ एंड ऑर्डर की बैठक में कड़े तेवर में दिखे नीतीश, कहा- 'हर हाल में हो अपराध पर नियंत्रण'
18वें दिन दूसरी बार विधि व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की.

पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने लॉ एंड ऑर्डर पर बीस दिनों में लगातार दूसरी बार बैठक की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार पुलिस की विशेष शाखा के पुर्नगठन का निर्देश अधिकारियों को दिया है. विधि व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष शाखा जब संगठित होगी, तो अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष शाखा में नये पदों का सृजन भी किया गया है. इस पर आगे काम होगा. 

18वें दिन दूसरी बार विधि व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की, तो लगा कि कोई बड़ा फैसला सरकार ले सकती है. हाल के दिनों में जिस तरह से घटनाएं बढ़ी हैं, उससे सरकार पर दबाव बढ़ा है. ये बात सात जून की समीक्षा बैठक के दौरान दिखी थी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी, डीजीपी सेल, आईजी, डीआईजी और एसपी को विभिन्न निर्देश जारी किए थे. इस बैठक के बाद पूरे प्रदेश में थानों के औचक निरीक्षण का दौर चला. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कई जिलों का दौरा किया और विभिन्न थानों का निरीक्षण किया. 25 जून को जब मुख्यमंत्री ने दोबारा विधि व्यवस्था की समीक्षा बैठक की, तो उनके तेवर पहले जैसे थे. उन्होंने साफ तौर पर अधिकारियों से कहा कि आप हर हाल में अपराध पर नियंत्रण करें, इसके लिए जो भी करना हो, करें. 

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अब सरकार किसी तरह बहानेबाजी सुनने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने सात जून को लिये गये फैसलों को समीक्षा की और कहा कि पुलिस गश्ती में और तेजी लानी होगी, ताकि अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण लगे. उन्होंने कहा कि गश्ती वाहनों में जीपीएस लगाया जाए, ताकि वाहनों के सही लोकेशन का पता चलता रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन थानों के भवन नहीं बन पाए हैं, उनके लिए जमीन अधिगृहण और भवन बनाने का काम किया जाना चाहिये. 

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों को जो राशि मिलती है, उसके लिए रिवाल्विंग फंड बना दिया गया है. थानों में वाहनों की स्थिति की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने ली और कहा कि वाहनों की पूरी व्यवस्था की जाए. थानों में स्टेशन डायरी को अपडेट रखने का निर्देश भी सीएम की ओर से दिया गया और कहा गया कि कुर्की जब्ती और वारंट के तामिला समय से किया जाए, ताकि पेंडिंग नहीं रहे. थानों में कंप्यूटर और इंटरनेट लगाने में तेजी लाने का निर्देश भी सीएम की ओर से जारी किया गया और कहा गया कि हर थाने में लैंडलाइन फोन जरूर लगाया जाए. 

संवेदनशील होकर लागू करें शराबबंदी, तभी सफल होंगे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मद्य निषेध की भी समीक्षा की और शराबबंदी का जिक्र करते हुये कहा कि इससे समाज में काफी बदलाव आया है. अब लोगों के पास पैसा बचने लगा है, जिससे वो अन्य चीजें खरीद रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अधिकारी और लोग शराबबंदी को सफल बनाने में भवनात्मक रूप से लग जायें, तो बिहार की शराबबंदी पूरे देश में मिसाल बन जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब जब्ती के समय जिन गाड़ियों को पकड़ा जाता है, उनके बारे में पूरी जानकारी ली जानी चाहिये, ताकि इसके पीछे के कारणों को जाना जा सके, ताकि उसके आधार पर इसे रोकने की रणनीति तैयार की जा सके.