बिहार के 45 फीसदी घरों तक पहुंचा नल का जल, नीतीश कुमार ने की घोषणा

जल-जीवन-हरियाली यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों को पानी की महत्ता समझा रहे हैं. जागरुकता सभाओं में सीएम नीतीश कुमार लोगों को ये बात भी समझा रहे हैं कि पानी को किस तरह से खर्च करना है.

बिहार के 45 फीसदी घरों तक पहुंचा नल का जल, नीतीश कुमार ने की घोषणा
नीतीश कुमार ने की घोषणा.

सीवान: सात निश्चय योजना के तहत बिहार सरकार हर घर तक नल का जल पहुंचा रही है. इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है. इस काम को पूरा करने का लक्ष्य पहले 2020 मार्च में रखा गया था, लेकिन अब इसके लिए नया समय तय कर दिया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का कहना है मार्च तक तो नहीं, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले हर घर को नल का जल पहुंचा दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 45 फीसदी घरों तक नल का जल पहुंचाया जा चुका है. 

जल-जीवन-हरियाली (Jal-Jeevan-Hariyali) यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों को पानी की महत्ता समझा रहे हैं. जागरुकता सभाओं में सीएम नीतीश कुमार लोगों को ये बात भी समझा रहे हैं कि पानी को किस तरह से खर्च करना है. इसको लेकर नसीहत भी देते हैं. कहते हैं कि हर घर तक नल का जल हम पहुंचा रहे हैं. साथ ही चापाकल और सार्वजनिक कुओं की भी मरम्मत करवा रहे हैं. आप लोग नल का पानी का प्रयोग सिर्फ पीने के लिए करें. 

मुख्यमंत्री कहते हैं कि चापाकल और कुएं के पानी का उपयोग घर के अन्य कामों जैसे बर्तन धोने और मवेशियों को पिलाने के लिए करें. नल के जल का दुरुपयोग नहीं करें, नहीं तो जो भूजल स्तर पहले से नीचे है, वो और नीचे चला जायेगा. जिससे संकट का सामना करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि नल का पानी पीने के लिए हमारा लक्ष्य है कि हम अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले हर घर तक नल का जल पहुंचा दें. इस निश्चय को हम पूरा कर लोंगे. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोग खुले में शौच करना छोड़ दें और नल के पानी का पीने में उपयोग करें, तो 90 फीसदी बीमारियों से वैसे ही छुटकारा मिल जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान को इसीलिए शुरू किया गया है, ताकि आनेवाले समय में पीने के पानी की समस्या नहीं हो. जमीन के अंदर सीमित पानी है, जिसका दोहन किया जायेगा, तो पानी खत्म हो जायेगा. इसलिए जमीन के पानी को रिचार्ज करना बहुत जरूरी है. इसी को लेकर पुराने तालाब-आहर पाइन और पोखर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जिन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है, उन्हें चिह्नित कर मुक्त कराया जा रहा है. तीन लाख कुओं को चिह्नित किया गया है, जिनका जीर्णोद्धार कराया जायेगा. साथ ही एक लाख से ज्यादा तालाबों का पता लगाया गया है, जिनके जीर्णोद्धार की दिशा में सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिया है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन के पानी को रिचार्ज करने के लिए सरकारी इमारतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है. इसे निजी भवनों में भी किया जा सकता है. इसके साथ नल और कुओं के पास सोख्ता का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि पानी सीधे जमीन में चला जायेगा और इससे भूजल स्तर रिचार्ज हो जाये. सीएम ने लोगों से अभियान को सफल बनाने की अपील की.