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दो गुटों में बंटा पटना नगर निगम, डिप्टी मेयर के खिलाफ लाया जाएगा अविश्वास प्रस्ताव

मेयर और डिप्टी मेयर के बीच चल रही घमासान अब सतह पर है. 25 जून को डिप्टी मेयर विनय कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है.

दो गुटों में बंटा पटना नगर निगम, डिप्टी मेयर के खिलाफ लाया जाएगा अविश्वास प्रस्ताव
पटना नगर निगम के डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. (फाइल फोटो)

पटनाः पटना नगर निगम मंगलवार को बड़ी उठापटक का गवाह बनने जा रहा है. दो साल से चल रही आंतरिक राजनीति अब खुलकर सामने आ गई है. मेयर और डिप्टी मेयर के बीच चल रही घमासान अब सतह पर है. 25 जून को डिप्टी मेयर विनय कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है. निगम के सभी 75 पार्षद इस वक्त दो गुट में बंट गए हैं. एक गुट मेयर सीता साहू तो दूसरा गुट विनय कुमार के समर्थन में लामबंद हो रहे हैं. 

इस मामले का दूसरा पहलू ये भी है कि मेयर और डिप्टी मेयर की महत्वाकांक्षा के लिए निगम को अखाड़ा बनाया जा रहा है. बरसात सिर पर है..जलजमाव जैसी समस्याओं से निगम जूझ रहा है लेकिन इस सबसे अलग निगम के अंदर शह और मात का खेल चल रहा है. 

दरअसल पटना नगर निगम की 25 जून को एक अहम बैठक बांकीपुर अंचल में होने जा रही है जहां मौजूदा उपमहापौर विनय कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. निगम के 42 पार्षदों ने मेयर सीता साहू को चिट्ठी लिखकर उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए 25 जून यानि मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव की तारीख तय किया गया है.

जिन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है वो सीता साहू के समर्थक माने जाते हैं और इनका आरोप है कि उपमहापौर ने नगर निगम के विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई है.वीओ पटना नगर निगम का चुनाव दो साल पहले 2017 में हुआ था. सभी 75 पार्षदों में जहां सीता साहू को महापौर बनाया गया. वहीं, डिप्टी मेयर की कुर्सी विनय कुमार को मिली. दोनों की राजनीतिक पृष्ठभूमि भारतीय जनता पार्टी की है बावजूद दोनों में गहरे मतभेद हैं. दोनों को सार्वजनिक कार्यक्रम में कम ही देखा गया. 

इस बार सीता साहू के दो साल कार्यकाल पूरा होने पर जहां बीजेपी कोटे के मंत्री भी शामिल हुए वहीं विनय कुमार गैरमौजूद ही रही.फिलहाल पलड़ा सीता साहू का भारी लग रहा है. क्योंकि, 42 पार्षदों ने बकाया चिट्ठी लिखकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग है, और उनके समर्थकों का मानना है कि उनके समर्थन में 52 पार्षद हैं और अविश्वास प्रस्ताव में उनका हारना तय है.

दूसरी ओर उपमहापौर विनय कुमार भी लगातार पार्षदों से संपर्क साध रहे हैं और अपने पक्ष में वोटिंग की अपील कर रहे हैं. उपमहापौर ने महापौर और उनके समर्थकों पर भ्रष्टाचार और आउटसोर्सिंग में कमीशनखोरी का आरोप लगाया है. विनय कुमार के मुताबिक, नियम के मुताबिक दो साल पूरा होने पर ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है जैसे ही दो साल पूरा हुआ. मेयर सीता साहू के इशारे पर अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है. 

विनय कुमार कहते हैं कि दो साल में पटना में कोई काम नहीं हुआ. जलजमाव की समस्या जस की तस है और निगम में पसंद के लोगों को ही काम मिल रहा है. पटना नगर निगम अपनी कार्यशैली के लिए पहले भी विवादों में रहा है. एक तरफ जहां मेयर और डिप्टी मेयर को जनसुविधाओं के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए था. इसके विपरीत दोनों एक दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं. 25 जून को अविश्वास प्रस्ताव में क्या होता है इसका इंतजार तो सबके है. लेकिन मेयर और डिप्टी मेयर की महत्वाकांक्षा की लड़ाई में जनता का अच्छा खासा नुकसान हो रहा है.