विलय के बाद भी नहीं सुलझ रही मरांडी की गुत्थी, नहीं मिल रहा नेता प्रतिपक्ष का दर्जा

पिछले सरकार के कार्यकाल में भी जेवीएम के 6 विधायकों के बीजेपी में विलय की मंजूरी विधानसभा अध्यक्ष ने दे दी थी. तब 6 विधायकों की सदस्यता को बहाल रखा गया था. ऐसे में अब विधानसभा अध्यक्ष के पास मामला विचाराधीन है, उनको फैसला लेने देना चाहिए.

विलय के बाद भी नहीं सुलझ रही मरांडी की गुत्थी, नहीं मिल रहा नेता प्रतिपक्ष का दर्जा
विलय के बाद भी नहीं सुलझ रही गुत्थी, मरांडी के नेता प्रतिपक्ष बनने पर विधानसभा स्पीकर करेंगे फैसला. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की तस्वीर अब तक साफ नहीं हो पाई है. जेवीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय तो कर लिया है. मरांडी ने इसकी सूचना केंद्रीय निर्वाचन आयोग और झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को भी दे दी है. 

फिलहाल बीजेपी ने बाबूलाल को विधायक दल का नेता चुना है. जेवीएम के बीजेपी में विलय पर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने तो अपनी मुहर लगा दी है, लेकिन अब तक विधानसभा अध्यक्ष ने बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिया है.

बीजेपी विधायक सड़क से सदन तक लगातार बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. बीजेपी विधायक तो अब निर्वाचन आयोग के विलय पर मुहर का हवाला देते हुए भी विधानसभा अध्यक्ष से फैसला लेने की मांग कर रहे हैं. 

वहीं जेएमएम नेता बीजेपी को नसीहत दे रहे हैं विधानसभा अध्यक्ष अपने विवेक से न्याय संगत ,नियम संगत निर्णय लेगें. बीजेपी के राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं. 

हेमंत सरकार के मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कितनी बार जेवीएम का विलय होगा. पिछले सरकार के कार्यकाल में भी जेवीएम के 6 विधायकों के बीजेपी में विलय की मंजूरी विधानसभा अध्यक्ष ने दे दी थी. तब 6 विधायकों की सदस्यता को बहाल रखा गया था. ऐसे में अब विधानसभा अध्यक्ष के पास मामला विचाराधीन है, उनको फैसला लेने देना चाहिए.
         
जबकि कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने भी कहा- विधानसभा के सर्वेसर्वा विधानसभा अध्यक्ष होते हैं उनका जो फैसला होगा वही सर्वमान्य होगा. तो बाबूलाल की पार्टी से चुनाव जीत कर आने वाले विधायक बन्धु तिर्की जिन्हें तक जेवीएम केन्द्रीय अध्यक्ष के तौर पर बाबूलाल ने जेवीएम से निष्कासित कर दिया था. 

अब बन्धु और प्रदीप यादव जेवीएम के कांग्रेस में विलय का दावा कर रहे हैं. बंधू तिर्की ने कहा जब निर्वाचन आयोग ने उनके विलय को मंजूरी दे दी है तो बाबूलाल मरांडी को बधाई हो, पर हम लोगों का क्या हुआ कोई नहीं बता रहा है.