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सिवान: अजय सिंह को संभावित उम्मीदवार बनाए जाने पर BJP के पूर्व सांसद ने खोला मोर्चा

 बीजेपी के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव ने मोर्चा खोल दिया. ओमप्रकाश यादव कहा कि अपराधी की मदद करने से अच्छा जहर खाकर मर जाना है. बीजेपी दूसरा शहाबुदीन बना रही हैं.

सिवान: अजय सिंह को संभावित उम्मीदवार बनाए जाने पर BJP के पूर्व सांसद ने खोला मोर्चा
एनडीए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कल करेगी लेकिन उससे पहले ही दरौदा सीट को लेकर बवाल शुरू हो गया है

सीवान: बिहार के सीवान के दरौदा सीट से जेडीयू के संभावित उम्मीदवार अजय सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव ने मोर्चा खोल दिया. ओमप्रकाश यादव कहा कि अपराधी की मदद करने से अच्छा जहर खाकर मर जाना है. बीजेपी दूसरा शहाबुदीन बना रही हैं.

बिहार में पांच विधानसभा के लिए उप चुनाव हो रहे हैं. एनडीए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कल करेगी लेकिन उससे पहले ही दरौदा सीट को लेकर बवाल शुरू हो गया है. सीवान के पूर्व बीजेपी सांसद ओमप्रकाश यादव ने कहा है कि अजय सिंह पर 24 से ज्यादा मामला लंबित है. अगर शहाबुद्दीन गलत है तो अजय सिंह ठीक कैसे हैं? सीवान की जनता ने अपराध और अपराधी के खिलाफ उन्हें निर्दलीय चुनाव जीताकर संसद में भेजा था. अब वो किस मुंह से जनता से एक अपराधी के लिए वोट मांगने जाएंगे. वो न तो अजय सिंह के लिए वोट मांगेंगे न ही उनको अपना वोट देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अपराधी की मदद करने से अच्छा जहर खाकर मर जाना है.

 

वहीं, ओमप्रकाश यादव के इस बयान के आने के बाद आरजेडी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि अनंत सिंह नीतीश कुमार को बुरे लगते हैं और अजय राय अच्छे लगते हैं. हो सकता है अनंत सिंह का केस मुकदमा कम हो और अजय राय का केस मुकदमा अधिक हो इसलिए पसंद करते हैं. 

सीवान के पूर्व सांसद के बयान पर जेडीयू  के प्रवक्ता राजीव रंजन ने नसीहत देते हुए कहा है कि टिकट वितरण में ऐसे बयान आते रहते हैं. पार्टी नेतृत्व को तय करना है कि गठबंधन में अपने कोटे की सीट किसको दें. कोई शिकायत हो तो पूर्व सांसद अपने पार्टी में दर्ज कराएं. उनके किसी भी सहमति या असहमति से जेडीयू को कोई लेना देना नहीं है. पार्टी ने जो फैसला लिया है वो क्षेत्र के अनुरूप लिया है. दरौदा सीट से हमारी पार्टी को लड़ना है और जेडयू तय करेगी की कौन लड़ेगा? 

वहीं, कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि ओम प्रकाश जी पहले यह बताएं कि जो बयान उन्होंने दिया है वह बयान उनका है या उनके पार्टी का? सीवान से वह सांसद रहे हैं. उनका टिकट नीतीश कुमार ने काट दिया था क्योंकि कोटे में नीतीश कुमार ने सीवान सीट ले लिया था. जेडीयू और बीजेपी का झंझट हैं और वह अब सतह पर आ रहा है. दोनों में आपसी विवाद है इसलिए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.

अपने पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव के द्वारा मोर्चा खोले जाने पर बीजेपी ने किनारा कर लिया है. पार्टी के प्रवक्ता नवल यादव ने कहा है कि हर कोई अपनी बातों को कहने के लिये स्वतंत्र है. पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव भी अपने बातो को रखे हैं. इस बयान से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. इस पर कोई भी निर्णय लेना होगा तो गठबंधन लेगी और पार्टी लेगी. कोई व्यक्ति निर्णय नहीं ले सकता है. पार्टी में कोई कुछ बोलता है और पार्टी अमल नहीं करती यह  तो उनका व्यक्तिगत विचार है
 
एक तरफ महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है तो एनडीय भी इससे अछूता नहीं है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पहले के चुनाव में नीतीश ने अजय सिंह को अपराधी बताते हुए टिकट देने से इनकार कर दिया था और उनकी पत्नी कविता सिंह को टिकट दिया गया था. पहले अजय सिंह अपराधी थे तो आज अच्छे कैसे हो गए?