रांची में कम नहीं हो रही डेंगू के मरीजों की संख्या, एक की मौत

राजधानी रांची में लगातार डेंगू की संख्या बढ़ रही है. डेंगू अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है. डेंगू की चपेट में बच्चों से लेकर बूढे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं.

रांची में कम नहीं हो रही डेंगू के मरीजों की संख्या, एक की मौत
डेंगू की चपेट में बच्चों से लेकर बूढे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं.

रांची: बाढ़ और बारिश के बाद अब बिहार से लेकर झारखंड में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इसी कड़ी में राजधानी रांची में लगातार डेंगू की संख्या बढ़ रही है. डेंगू अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है. डेंगू की चपेट में बच्चों से लेकर बूढे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं.

राजधानी रांची के डोरंडा के रहने वाले एक शख्स की डेंगू से मौत हुई. आपको ये भी बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब डेंगू से किसी की मौत हुई हो. रोजाना 5 से 6 डेंगू की चपेट में आ रहे है. रोजाना पांच से छह लोग डेंगू की वजह से रिम्स में भर्ती हो रहे हैं. साथ ही पिछले साल की अपेक्षा में डेंगू के अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं.

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राजधानी रांची में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. डेंगू बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है कि साफ सफाई ना होना. रांची नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है.  जिसकी वजह से डेंगू और चिकनगुनिया से लोग प्रभावित हो रहे हैं. पी डी डोरंडा, चर्च रोड, कर्बला रोड, बहू बाजार, कांटा टोली ,हरमू जैसे सभी क्षेत्रों में अब तक 35 मरीज रिम्स में भर्ती कराए गए हैं.

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल कहे जाने वाले रिम्स में आइसोलेशन वार्ड में इस साल लगभग 300 से 400 मरीज भर्ती हो चुके हैं . जबकि पिछले साल 200 से 250 मरीज ही रिम्स में डेंगू की वजह से पहुंचे थे. अब तो हालात खराब से बहुत खराब होते जा रहे है. रोजाना 4 से 5 मरीज डेंगू के रिम्स पहुंच रहे हैं .

डेंगू से हुई मौत पर राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल कहे जाने वाले रिम्स के अधीक्षक विवेक कश्यप का कहना है कि डेंगू से लोगों की मौत नहीं हो रही है. अब सीजन ख़त्म हो गया है. अधिकतर बारिश के समय ही डेंगू के मरीज़ आते है.

बहरहाल अब ये देखना होगा कि आखिरकार राजधानी रांची में डेंगू और चिकनगुनिया के कहर से कब तक लोगों कहरते रहेंगे. और कब तक प्रशासन अपनी नाकामियां छुपाने के लिए तमाम बहाने देता रहेगा. 
Anupama Kumari, News Desk