close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

झारखंड से केवल एक मंत्री शामिल होने पर विपक्ष का तंज, कहा- हो रहा सौतेला व्यवहार

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सिर्फ एक मंत्री बनाए जाने पर विपक्ष इसे झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करार दिया है.

झारखंड से केवल एक मंत्री शामिल होने पर विपक्ष का तंज, कहा- हो रहा सौतेला व्यवहार
झारखंड से केवल अर्जुन मुंडा को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है.

रांचीः लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम मंत्रियों ने शपथ ले लिया है, लेकिन मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर झारखंड की अनदेखी को लेकर सियासत शुरू हो चुकी है. झारखंड से मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में दो मंत्री बनाए गए थे. लेकिन दूसरे कार्यकाल में सिर्फ एक मंत्री बनाए जाने पर विपक्ष इसे झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करार दिया है.

झारखंड में बीजेपी की सहयोगी आजसू कोटे से जीतकर पहुंचे चंद्रप्रकाश चौधरी को मंत्री नहीं बनाए जाने पर जेएमएम ने कहा मोदी का यह अच्छा निर्णय है. क्योंकि पहली बार सांसद चुनकर गए हैं और वह अभी अपरिपक्व हैं.

लोकसभा चुनाव में झारखंड के 14 में से 12 सीट एनडीए के खाते में गई है जिसको लेकर बीजेपी और आजसू के नेता यहां से कम से कम तीन मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल होने की आस लगाए बैठे थे. खासकर आजसू के चंद्रप्रकाश चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही थी. लेकिन आजसू को निराशा हाथ लगी.

आजसू के उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने कहा कि हम सबों को उम्मीद थी कि हमारे सांसद को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो इसका विरोध भी नहीं है. विपक्ष जो अपरिपक्वता की बात कर रहा है तो इसका सर्टिफिकेट हमें उससे लेने की जरूरत नहीं है. हमारे सांसद 18 वर्षों में लगातार झारखंड में मंत्री रहे हैं और उन्हें पूरा अनुभव है कि विकास कार्यों को किस तरह से किया जाता है.

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्र वंशी ने कहा कि विपक्ष का काम है आरोप लगाना लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने विवेक से निर्णय लिया है आगे फिर एक्सटेंसन होगा और झारखंड में ओर मंत्री बढ़ सकते हैं, इसलिए कोई सौतेला व्यवहार नही किया गया है.

जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने झारखंड से एक मंत्री बनाए जाने पर कहा कि यह गलत हुआ है. झारखंड से 12 सांसद चुनकर गए हैं और कम से कम 2 मंत्री जरूर बनाए जाने चाहिए. लेकिन चंद्रप्रकाश चौधरी को मंत्री नहीं बनाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बीजेपी जिस तरह से अच्छे शासन देने का दावा करती है. वैसे में यह सांसद पहली बार चुन कर गए हैं. इसलिए उन्हें मंत्री नहीं बनाना बहुत ही अच्छा निर्णय है.